भोपाल
झारखंड के बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के घर से भी 'नोटों का पहाड़' मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने नोटों को जब्त कर आयकर विभाग को इस बारे में सूचित कर दिया है। नोटों की तादाद अधिक होने के चलते पुलिस उन्हें अबतक गिन नहीं पाई है। जानकारी के अनुसार, भोपाल के पंत नगर कॉलोनी में कैलाश खत्री नामक व्यक्ति के घर से भारी मात्रा में नोटों की गड्डियां बरामद की गईं। पुलिस का कहना है कि जिस शख्स के घर से यह रकम मिली है उसने खुद के मनी एक्सचेंज का कारोबार करने का दावा किया है। बरामद किए गए नोट 5, 10 और 20 रुपये मूल्य के बताए जा रहे हैं।
डीसीपी भोपाल जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने कह कि 38 साल के कैलाश खत्री के घर से बड़ी मात्रा में कैश बरामद हुआ है। उसका कहना है कि वह पिछले 18 साल से मनी एक्सचेंज का काम कर रहा है जिसके तहत वह 5 रुपये, 10 रुपये और 20 रुपये मूल्यवर्ग के क्षतिग्रस्त नोटों के बदले अपना कमीशन लेकर ग्राहकों को नए नोट उपलब्ध कराता है। पुलिस ने नए नोटों की गड्डियां और क्षतिग्रस्त नोट कब्जे में ले लिए हैं और दोनों की गिनती कराई जा रही है।
डीसीपी ने कहा कि हालांकि, उसके पास से ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला है, जिससे पता चले कि वह ऐसा करने के लिए अधिकृत हो। इसलिए, कार्रवाई अभी भी चल रही है। आयकर विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। आयकर विभाग का कहना है कि अगर नकदी 10 लाख रुपये से अधिक होगी तो वे इसका संज्ञान लेंगे…अभी गिनती चल रही है।
झारखंड में भी मिला था नोटों का अंबार
गौरतलब है कि बीत 6 मई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम के सेकेट्री के एक नौकर के घर छापेमारी के दौरान 35.23 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और कई आधिकारिक दस्तावेज बरामद करने का दावा किया था। सूत्रों ने बताया कि मंत्री से जुड़े स्थान से 32 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई वहीं केंद्रीय एजेंसी ने कुछ अन्य परिसर में की गई तलाशी में अलग से तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई। ईडी के सूत्रों के अनुसार, नकदी गिनने के लिए नोट गिनने वाली आठ मशीन लगानी पड़ी थीं। बरामद की गई नकदी में मुख्य रूप से 500 रुपये के नोट थे।
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