घटती हिंदू आबादी पर रिपोर्ट डरावनी है : केंद्रीय मंत्री

राजनीती

हुबली/कर्नाटक.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को कहा कि ‘रिलिजियस माइनॉरटी: ए क्रॉस-कंट्री एनालिसिस’ शीर्षक वाली रिपोर्ट एक ‘डरावनी’ तस्वीर पेश करती है और समाज एवं सरकारों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। जोशी ने कहा कि उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली है उन्होंने इसके बारे में केवल मीडिया में पढ़ा है। जोशी ने संवाददाताओं से कहा, ”जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर एक रिपोर्ट आई है। समाज और सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। यह एकमात्र उम्मीद है क्योंकि यह सभी मीडिया में प्रमुखता से सामने आया है, चाहे वह समाचार पत्र हों या समाचार चैनल।”

उन्होंने कहा,’ यह रिपोर्ट डरावनी है। सरकारों को इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेना चाहिए और वैकल्पिक उपायों के बारे में सोचना चाहिए।” कारणों के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि कारण क्या हैं। उन्होंने कहा, ”इस पर संपूर्ण अध्ययन करने की जरूरत है।”

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के हालिया कार्य पत्र में कहा गया है,’ वर्ष 1950 और 2015 के बीच देश की कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 7.82 प्रतिशत कम हो गई है जबकि मुसलमानों की हिस्सेदारी 43.15 प्रतिशत बढ़ गई है, जो बताता है कि विविधता को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल है।’

हालांकि रिपोर्ट में पूर्ण संख्याएं नहीं दीं। देश में आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी और 2021 में होने वाली जनगणना नहीं हो पाई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईएसी-पीएम ने 2015 के आंकड़ों का कैसे पता लगाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की आबादी में जैन समुदाय की हिस्सेदारी 1950 के 0.45 प्रतिशत से घटकर 2015 में 0.36 प्रतिशत रह गई।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry