केरल में मानसून बना आफत, भूस्खलन, जलभराव और उखड़े पेड़, भारी बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त

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तिरुवनंतपुरम
केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय से पहले पहुंचने के दो दिन बाद, राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। इसकी वजह से भूस्खलन हुआ और पेड़ उखड़ गए। साथ ही पूरे इलाके में जलभराव की समस्या देखने को मिली। कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम के कुछ हिस्सों में शुक्रवार रात से ही भारी बारिश हो रही है। पहाड़ी जिले इडुक्की के अंदरूनी इलाकों में स्थित पूचपरा और कोलप्परा इलाकों में शुक्रवार रात भूस्खलन और पेड़ उखड़ने की खबरें आईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि भूस्खलन में कुछ घर और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

राजमार्ग पर यातायात प्रतिबंध
भूस्खलन के संभावित खतरे के कारण थोडुपुझा-पुलियानमाला राज्य राजमार्ग पर यातायात प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इडुक्की में मलंकारा बांध के पांच शटर खोले जाने के बाद, जिला अधिकारियों ने थोडुपुझा और मुवत्तुपुझा नदियों के किनारे रहने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। पड़ोसी कोट्टायम जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश के चलते मीनाचल और मणिमाला नदियों के पास रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। कल शाम से कोट्टायम के कई हिस्सों में लगातार बारिश हुई, जिससे जलभराव और यातायात जाम हो गया।

40 किमी प्रति घंटे से चलेगी हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम जिलों में एक या दो स्थानों पर सुबह के समय हल्की से मध्यम बारिश और 40 किमी प्रति घंटे की गति तक की तेज हवाएं चलने की संभावना है। कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलपुझा और कोट्टायम जिलों में एक या दो स्थानों पर मध्यम वर्षा की उम्मीद है। 

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