झुंझुनू.
राजस्थान समेत पूरे देश में इन दिनों भीषण गर्मी की मार जारी है। इस गर्मी की चपेट से लोग परेशान हैं, लेकिन देश में कुछ योगी ऐसे भी हैं जो प्राकृतिक नियमों को भी मात देकर अपनी तपस्या का चमत्कार पेश कर रहे हैं। ऐसे ही एक संत राजस्थान के झुंनझुंनु जिले में देखने को मिल रहे हैं। इस भीषण गर्मी में इन संत ने अपने चारों तरफ अग्निकुंड जलाए हैं और तपस्या कर रहे हैं। प्रचंड गर्मी के बीच साधु को तपस्या में लीन देख लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
जिले के निकटवर्ती गांव बुड़ाना के रुपनाथजी धाम पर महंत बालयोगी पूनमनाथ महाराज ने भरी दोपहर में खड़ी तपस्या कर जन कल्याण की प्रार्थना कर रहे हैं। सात दिनों तक चली इस तपस्या में महंत बालयोगी पूनमनाथ महाराज ने अपने चारों ओर अग्नि के पांच धूणे जलाए। जिससे तापमान और अधिक बढ़ता रहा है। इन अग्नि के धूणों के बीच महंत पूनमनाथ महाराज ने दोपहर में सात दिन तक शरीर को भस्म से लेपकर खड़े होकर तपस्या की है। महंत बालयोगी पूनमनाथ महाराज ने बताया कि इस तपस्या का मुख्य उद्देश्य है कि सृष्टि की रक्षा हो जीव जंतुओं तथा मानव का कल्याण हो। उन्होंने कहा कि मनुष्य को प्रकृति से जुड़ाव रखना चाहिए। प्रकृति को नुकसान पहुंचाने पर हम खुद को ही खतरे में खड़े कर रहे हैं। इसलिए हम सबका धर्म है कि मानवीय सरोकार को निभाते हुए प्रकृति से जुड़ाव रखें. तपस्या समापन के दौरान मंदिर परिसर में 21 कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों ने सुख समृद्धि की कामना करते हुए आहूतियां दी गईं। इसके बाद रुपनाथजी महाराज की विधि विधान से प्राण-प्रतिष्ठा की गई, इससे पहले सजी धजी पालकी में बैठाकर मूर्ति को चारों ओर परिक्रमा लगाई गई। तपस्या के दौरान श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वहीं तपस्या संपन्न होने के साथ भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सोती, बुड़ाना, देसूसर, बास बुडाना, भरगड़ो की ढ़ाणी, प्रतापपुरा गांव समेत अन्य दूर दराज से श्रद्धालु उमड़े।
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