खरगोन
बॉलीवुड एक्टर आमिर खान के बेटे जुनैद खान की पहली फिल्म रिलीज से पहले विवादों में घिर गई है। फिल्म को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। खरगोन जिले के बीसा नीमा महाजन पंचायती समाज ने भी फिल्म महाराज के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है। यह फिल्म सोशल साइट्स नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होने वाली है, जिसके प्रदर्शन से पहले ही प्रतिबंध लगाने की मांग उठ रही है। इस फिल्म को सनातन हिंदू धर्म और विशेषकर पुष्टि मार्गीय संप्रदाय, वैष्णववाद के समाजजन की भावनाओं को गहरी ठेंस पहुंचाने वाली फिल्म बताया जा रहा है।
खरगोन जिले में फिल्म महाराज के प्रदर्शन को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रदर्शन पर रोक की मांग की गई है। इसे लेकर वैष्णव समाजजनों ने आक्रोश रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री, गृहमंत्री आदि के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई। समाजजनों ने बताया कि इस फिल्म में सनातन धर्म, वैष्णववाद के महाराजश्री, आचार्यश्री एवं संत- महंत का बेहुदा तरीके से चित्रण किया गया है, जो आक्रोश पैदा करने वाला मनगढ़ंत और जनमानस की भावनाओं को ठेंस पहुंचाने वाला है। फिल्म में 150 वर्ष पूर्व अंग्रेजों के कार्यकाल में हुई एक घटना को आधार बनाकर पुन: साधु.संतों और वल्लभ संप्रदाय के विषय में अनुचित चित्रण प्रस्तुत किया जा रहा है। इस फिल्म के माध्यम से संपूर्ण देश में साधु.संतों और वल्लभ संप्रदाय को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
महाजन समाज के वरिष्ठ नागरिक राजेश महाजन ने बताया कि महाराज नाम से एक फिल्म प्रदर्शित होने वाली है, जिसमें हमारे आराध्य भगवान श्री कृष्णा, हमारे आचार्यश्री और महाराजश्री पर अभद्र टिप्पणी की गई है जो अशोभनीय है। यह किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वास्तव में आज से डेढ़ सौ साल पहले न्यायालय में एक मामला पेश किया गया था, उस पर आधारित फिल्म बनाते हुए, इसमें ऐसे ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जो बर्दाश्त के लायक नहीं है। इसमें भगवान श्री कृष्ण की छवि अच्छी नहीं दिखाई गई है। फिल्म पर रोक लगाने की मांग को लेकर हमारे आचार्य श्री ने कोर्ट में मामला भी पेश किया था, जिस पर हमें 18 तारीख तक स्टे मिला था। अब शायद नेटफ्लिक्स पर यह फिलम प्रदर्शित हो सकती है, जिस पर रोकने लगाने की मांग को लेकर यह ज्ञापन दिया है।
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