नई दिल्ली
दिल्ली में घातक गर्मी के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। राष्ट्रीय राजधानी के श्मशान घाटों में शवों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। बता दें कि इस सीज़न में शहर के निगम बोध घाट पर 142 शवों का अंतिम संस्कार किया गया, जो कि कोविड-19 महामारी के बाद से सबसे अधिक है, उस समय रिकॉर्ड 253 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था।
निगम बोध घाट पर प्रतिदिन औसतन 60 शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है। सर्दियों के दौरान, शवों की संख्या 60 से 90 के बीच होती है। हालांकि, 19 जून को 142 शवों का अंतिम संस्कार किया गया, यह एक ही दिन में सबसे अधिक आंकड़ा है। अधिकारियों ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से एक ही दिन में 70 से 90 शव श्मशान घाट पहुंच रहे हैं। उदाहरण के लिए, 14 जून को 43, 15 जून को 53, 16 जून को 70 और 17 जून को 54 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद ये संख्या 18 जून को 97 और 19 जून को 142 हो गई।
सुमन गुप्ता ने कहा, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि गर्मियों के दौरान मरने वालों की संख्या 90 तक पहुंच गई, जबकि सर्दियों के दौरान यह आम बात है। निगम बोध घाट के प्रभारी ने कहा, भीषण गर्मी ने न केवल पिछली सर्दियों में हमारे आंकड़ों को पार कर लिया है, बल्कि दाह-संस्कार की प्रक्रिया में भी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त मंच हैं, लेकिन अलग-अलग समुदायों में अंतिम संस्कार के तरीके अलग-अलग होते हैं, जिससे 142 शवों का एक साथ अंतिम संस्कार करना एक महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है। इसमें 120 प्लेटफार्म और छह सीएनजी मशीनें हैं। 19 जून तक, निगम बोध घाट पर कुल 1,101 शवों का अंतिम संस्कार किया गया और इस महीने के भीतर जून 2022 में प्राप्त 1,570 के आंकड़े को पार किया जा सकता है। जून 2023 में 1,319 और जून 2021 में 1,210 शवों का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
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