रायपुर
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस से जुड़े नकली होलोग्राम मामले में यूपी एसटीएफ ने कारोबारी अनवर ढेबर को रायपुर से गिरफ्तार किया था। यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार को ढेबर को मेरठ के कोर्ट में पेश किया है। इस दौरान उन्होंने हिरासत की मांग की है। कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ढेबर 1 जुलाई तक जेल में रहेंगे। इसके बाद फिर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। कारोबारी ढेबर को ईओडब्ल्यू ने 4 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। तब से वे जेल में ही थे। हाईकोर्ट से मेडिकल ग्राउंड में ढेबर को जमानत मिली। जमानत मिलने के बाद जेल परिसर में ही यूपी एसटीएफ ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान अनवर ढेबर के समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर विवाद हुआ।
इस दौरान पुलिस कारोबारी को सिविल लाइन थाने लाई। यूपी पुलिस ने रात को गिरफ्तार किया। 19 जून को यूपी पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड ली और मेरठ के लिए रवाना हो गई। गुरुवार को टीम लखनऊ पहुंच गई थी। उन्हें लखनऊ में एसटीएफ के दफ्तर में ही रखा गया था। शुक्रवार को एसटीएफ की टीम मेरठ लेकर पहुंची है और कोर्ट में पेश किया गया। बता दें कि यूपी एसटीएफ द्वारा ढेबर की पुलिस रिमांड नहीं मांगी। उसे सीधा जुडिशल रिमांड मांगकर जेल भेज दिया गया।
नकली होलोग्राम मामले में पिछले साल ईडी ने एफआईआर कराई थी। इसमें अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, निरंजनदास और अन्य लोगों का नाम था। आरोप लगाया गया कि इन्होंने विधु गुप्ता की कंपनी को फर्जी तरीके से होलोग्राम देने की शर्त पर टेंडर दिलवाया। डिस्टलरी के जरिए अवैध शराब को सरकारी दुकानों से ही बिकवाकर कैश कलेक्शन कराया। कमीशन कमाने के चक्कर में पत्र विहीन कंपनी को होलोग्राम बनाने का टेंडर दिया गया था। बाद में प्रति होलोग्राम 8 पैसे का कमीशन लिया गया।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

