BJP की हार को लेकर योगी सरकार के मंत्री के सामने ही हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और डीएम के बीच तीखी नोकझोंक

उत्तर प्रदेश राज्य

अयोध्या
अयोध्या में बीजेपी की लोकसभा चुनाव में हार के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है। हाल ही में एक घटना में योगी सरकार के मंत्री के सामने ही हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और जिलाधिकारी (डीएम) के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसके बाद राजू दास की सुरक्षा हटा दी गई, जिससे नाराज होकर उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा हटाना दुखद है और अगर मुझ पर हमला होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

महंत राजू दास के आरोप
राजू दास ने कहा, "अयोध्या में लोकसभा चुनाव हारने के बाद कई तरह की बातें सामने आने लगीं। हमने सिर्फ अपने कार्यकर्ताओं की बात आगे रखी थी, कोई विवाद नहीं हुआ था। प्रभारी मंत्री सूर्य प्रतापी शाही से बातचीत हो रही थी। 32 हजार करोड़ के बजट और भव्य राम मंदिर के बावजूद चुनाव हारना दुखद है।"

अधिकारियों के साथ विवाद
राजू दास ने बताया कि बातचीत के दौरान अधिकारियों से विवाद हुआ, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या अधिकारी उठकर चले गए तो उन्होंने कहा कि इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे, इस बारे में जिले के पुलिस कप्तान या डीएम ही बोल सकते हैं।

चुनाव के दौरान मकान खाली करने का नोटिस
महंत राजू दास ने कहा, "चुनाव के दौरान जब आचार संहिता लागू थी और एक महीने में चुनाव था, तो मकान खाली करने या तोड़फोड़ के नोटिस देना उचित नहीं था। इससे अयोध्यावासियों के मन में गलत भावनाएं आईं और वे हमसे जुड़ नहीं पाए। इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों और प्रशासन की थी।"

डीएम जनता के सेवक हैं, राजा नहीं
राजू दास ने कहा, "लोकतंत्र में इतने पढ़े-लिखे आईएएस-पीसीएस अधिकारियों को हमारी बात बुरी नहीं लगनी चाहिए। क्या हम अपनी बात कह भी नहीं सकते? डीएम साहब से कहना कि यह काम ठीक नहीं हो रहा, जनता के हक में इसे ठीक करें, क्या यह गलत है? लोकतंत्र में प्रजा राजा है और अधिकारी सेवक हैं। अगर जनता को कष्ट है और हम यह कह दें, तो हम अपराधी कैसे हो गए?"

प्रशासन पर जिम्मेदारी
महंत राजू दास ने कहा, "हम हिन्दुत्व, मोदी जी और योगी जी के लिए काम करते हैं। अगर यह उसकी सजा है, तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। मुझ पर कभी भी हमला हो सकता है और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अगर अधिकारी सपा की पार्टी बनकर काम करें, तो भी कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर कहा कि अगर जिला प्रशासन नहीं सुन रहा, तो वरिष्ठ अधिकारियों को इसका संज्ञान लेना चाहिए। लोकतंत्र में सवाल पूछना जायज है।" अयोध्या में बीजेपी की हार और महंत राजू दास की सुरक्षा हटाने के विवाद ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। प्रशासन और राजू दास के बीच यह विवाद और कितना बढ़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।

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