IMD के मुताबिक जुलाई में औसत बारिश सामान्य से अधिक होगी, अगस्त-सितंबर का ला नीना कनेक्शन

देश

नई दिल्ली

मौसम विभाग ने भारतीय किसानों के लिए एक अच्छी खबर दी है। इसके मुताबिक अगले तीन महीनों में जमकर बरसात होने वाली है। जुलाई के साथ-साथ अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक जुलाई की औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है। गौरतलब है कि मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट आई है। इसमें बताया गया है कि जून महीने में औसत से कम बारिश हुई है। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि पूर्वोत्तर भारत में जून के महीने में 33 प्रतिशत कम बारिश हुई। उन्होंने बताया कि जून के अंत में सिर्फ एक कम दबाव वाला क्षेत्र बना। आम तौर पर महीने में तीन कम दबाव वाले क्षेत्र बनते हैं। मौसम परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण कम दबाव वाले क्षेत्र नहीं बन सके।

अगस्त-सितंबर का ला नीना कनेक्शन
धनंजय महापात्र ने कहा कि हम जुलाई में मानसून के दौरान अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लंबी अवधि के औसत (एलपीए) 28.04 सेमी से 106 प्रतिशत अधिक रह सकती है। जून में कम बारिश की खबर के बाद जुलाई, अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश की खबर किसानों को खुशखबरी देने वाली हो सकती है। अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश की वजह बनेगा ला नीना। मौसम वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि ला नीना के चलते इन दोनों महीनों में खूब बारिश होगी। विशेषज्ञ बताते हैं कि अल नीनो और ला नीनो नाम के दो वेदर कंडीशंस बनती हैं। जहां अल नीनो के दौरान मॉनसून कमजोर पड़ जाता है और बारिश कम होती है। वहीं, ला नीना के दौरान खूब बारिश होती है।

जून की होगी भरपाई
जून में उम्मीद से कम बारिश होने के चलते किसानों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में जुलाई में होने वाली अच्छी बारिश उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी की ग्रोथ के लिए यह बारिश काफी जरूरी है। इससे चावल, कॉटन, सोयाबीन और गन्ने की फसल को काफी फायदा मिलेगा। मॉनसून अभी तक देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंच चुका है। आईएमडी चीफ ने बताया कि बहुत जल्द ही यह राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तक भी पहुंच जाएगा। गौरतलब है कि भारत में जून में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। महापात्र ने जून में सामान्य से कम वर्षा के लिए मौसम प्रणालियों की कमी के कारण देश के उत्तरी और पूर्वी भागों में मानसून की धीमी प्रगति को जिम्मेदार ठहराया।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry