बरेली
बरेली में मंगलवार आधी रात के बाद शुरू हुई बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को सुबह करीब दो घंटे तक तेज बारिश हुई। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक हल्की बारिश होती रही। आधे शहर में बारिश का पानी भर गया। मढ़ीनाथ के नेकपुर और सुभाषनगर में जलभराव से सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। कई घरों में भी बारिश का पानी भर गया। लगातार हो रही बारिश और जलभराव को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को आठवीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई। उधर, बहेड़ी क्षेत्र में अचानक पानी आने से बहगुल नदी उफना गई, जिससे किसानों ने कच्चा बांध काट दिया।
बरेली में बुधवार को सुबह बारिश के बीच लोगों की नींद खुली। घरों से बाहर निकले तो सड़कों पर जलभराव से जूझे। मौसम विभाग के मुताबिक सुबह 10 बजे तक बीते 24 घंटे में 58 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
मानसून के चलते बारिश का सिलसिला आठवें दिन भी जारी है। मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अगले चार दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिलेभर में मध्यम, तेज बारिश का अनुमान जताया गया है।
बारिश के बाद अधिकतम पार चार डिग्री लुढ़ककर 28.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री गिरावट हुई। बुधवार को सुबह न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शीशगढ़ में बहगुल नदी पर बना कच्चा खमरिया बांध जलभराव की वजह से ग्रामीणों ने काट दिया। काफी पहले खमरिया बांध टूटने के बाद करीब 30 साल से कई गांवों के किसान सिंचाई के संकट से जूझते आ रहे थे। किसी भी सरकार में सुनवाई नहीं हुई तो करीब चार साल पहले लोगों ने तीन लाख रुपये का चंदा इकट्ठा कर खुद बांध बनाकर नदी की धार को बांध दिया था।
जिलाधिकारी के आदेश पर अत्याधिक बारिश और जलभराव के कारण बुधवार को कक्षा एक से आठवीं तक के समस्त परिषदीय विद्यालयों, मान्यता प्राप्त एवं सभी बोर्ड के विद्यालयों का अवकाश घोषित कर दिया गया।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

