नई दिल्ली
बड़े मैच का बड़ा खिलाड़ी युवराज सिंह को कहा जाता है, क्योंकि वे जब भारतीय टीम के लिए खेलते थे तो उनके लिए यह लाइन उपयोग की जाती थी। उन्होंने कई अहम मैचों में टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। युवराज सिंह की महानता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब भारत ने 28 साल के बाद 2011 में वनडे विश्व कप जीता था तो उसमें प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। 2007 में पहले टी20 विश्व कप चैंपियन बनने वाली भारतीय टीम का भी वे हिस्सा रहे थे। उस टूर्नामेंट में उन्होंने एक ही ओवर में 6 छक्के जड़ने का करिश्मा भी किया था। वे एक दर्जन से ज्यादा टूर्नामेंट जीत चुके हैं।
युवराज सिंह ने अपने करियर में तीन वर्ल्ड कप और एक आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के अलावा आईपीएल ट्रॉफी समेत कई बड़े घरेलू टूर्नामेंट बतौर खिलाड़ी या कप्तान रहते हुए जीते हैं। युवी ने U19 वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप और वनडे वर्ल्ड कप जीता था। वे आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम के सदस्य भी रहे हैं। आईपीएल ट्रॉफी भी उन्होंने जीती है और दिलीप ट्रॉफी पर भी उनकी टीम ने कब्जा जमाया था। साल्वे चैलेंजर्स ट्रॉफी भी वे अपने दिनों में जीत चुके हैं। इसके अलावा बीसीसीआई कॉर्पोरेट ट्रॉफी भी उन्होंने अपनी टीम को दिलाई हुई है।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने ईरानी कप, टी10 लीग और रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज भी जीती हुई है। वहीं, अब उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स ट्रॉफी पर कब्जा किया है। इंडिया लेजेंड्स और पाकिस्तान लेजेंड्स के बीच खिताबी मैच खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम ने जीत हासिल की थी। इस टीम के कप्तान युवराज सिंह थे। इस तरह युवराज सिंह ने अपने करियर में एक दर्जन से ज्यादा बड़े टूर्नामेंट जीते हैं। इस टूर्नामेंट में भी युवराज सिंह ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के सामने तूफानी बल्लेबाजी की थी और फाइनल में वे आखिरी तक नाबाद रहे थे।
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