झुंझुनूं.
जम्मू-कश्मीर में डोडा जिले के डेसा जंगल के धारी गोटे में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना के कैप्टन सहित चार जवान शहीद हो गए। इसमें एक पुलिसकर्मी की भी मौत हो गई है। इस मुठभेड़ में राजस्थान के झुंझुनूं ने भी एक लाल खो दिया है। जम्मू-कश्मीर में हुई मुठभेड़ में राजस्थान के झुंझुनूं के सिपाही अजय सिंह शहीद हो गए। जो मूल रूप से झुंझुनूं के भैसावता कलां के रहने वाले थे। इनके पिता का नाम कमल सिंह नरूका है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान यह शहीद हुए। बुधवार सुबह इनकी पार्थिव देह झुंझुनूं पहुंचेगी। जहां पहले तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी और इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। आपको बता दें कि कश्मीर में जहां पर यह मुठभेड़ हुई है। वहां पिछले 34 दिन में पांचवीं बार ऐसी घटना सामने आई है। इस मुठभेड़ का जिम्मा आतंकी संगठन कश्मीर टाइगर्स ने लिया है। उन्होंने अपनी ओर से एक बयान जारी किया है, जिसमें बताया है कि उन्होंने 12 जवानों को मारा है और छह जवान घायल भी हुए हैं। साथ ही उन्होंने लिखा है कि कश्मीर की आजादी के लिए जंग जारी रहेगी।
झुंझुनूं के बेटे को मिला है कीर्ति चक्र
सूबेदार पवन कुमार यादव वर्तमान में 21वीं बटालियन महार रेजिडेंट में तैनात हैं। 22 जून 2023 की रात को वे कुपवाड़ा में तैनात थे। इसी दौरान संभावित घुसपैठ की खुफिया जानकारी मिली। पवन यादव के नेतृत्व में गश्ती दल वहां पहुंचा। आतंकवादी कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा के पास घने जंगल के इलाके में घात लगाकर घुसपैठ की फिराक में थे। आतंकवादियों ने पवन यादव की टीम पर नजदीक से गोलियां बरसानी शुरू कर दी। लेकिन पवन यादव रेंगते रहते आतंकवादियों तक पहुंच गए। पवन यादव ने अपनी सूझबूझ के दम पर दुरुह इलाके में एक आतंकवादी को मार गिराया, दूसरा आतंकवादी भाग ही रहा था। इसी बीच पवन यादव अपनी जान की परवाह न करते हुए गोलीबारी के बीच उसको पकड़ा और मार गिराया। पांच जुलाई को राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह किया गया। इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुना और अर्ध सैनिक पलों के जवानों को उनके शौर्य और पराक्रम के लिए सम्मानित किया।
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