लखनऊ
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा में मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला। मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए अखिलेश ने कहा है कि यह सरकार पेपर लीक का रिकॉर्ड बनाएगी। दरअसल, नीट मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जवाब दे रहे थे। इसी बीच उन्होंने कहा कि पिछले 7 साल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। इसके साफ सबूत नहीं हैं।
इस प्रकार के मुद्दों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने मामले के सुप्रीम कोर्ट में चलनते की बात कही। इस पर अखिलेश यादव ने बड़ा हमला बोला। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान ने अखिलेश शासनकाल में पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमारे पास इसके सबूत हैं। पेपर लीक मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि देश ने बहुत अहम सवाल पर पूछने का समय दिया। ये सरकार कोई और रिकॉर्ड बनाए या न बनाए, लेकिन पेपर लीक का रिकॉर्ड जरूर ये सरकार बनाएगी। मुझे इसके बैकग्राउंडर में नहीं जाना कि कब, कैसे, किस संस्था को बनाया गया। पूरे देश के छात्र इसपर आंदोलित थे। लगातार अखबार और सीबीआई की जांच के बाद चीजें सामने आ रही हैं। लोग पकड़े जा रहे हैं। जेल भेजे जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने सवाल किया कि मैं पूछना चाहता हूं, क्या सेंटर वाइज जिन बच्चों को सबसे ज्यादा नंबर मिले हैं, उनकी सूची जारी होगी? कई सेंटर ऐसे हैं, जहां 2 हजार ढाई हजार बच्चे पास कर गए। कई प्रदेश की ऐसी जगह है जहां 650 से ज्यादा नंबर हैं। अगर ये संस्था इतनी क्रेडिबल थी, जो जिन सेंटर पर ये परीक्षा हुई? उसका ढांचा क्या था? अखिलेश ने हमला बोलते हुए कहा कि ये मंत्री जी रहेंगे तो बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पूरे छात्रों की सूची को उपलब्ध करा दो, तीन दिन में सभी छात्रों की लिस्ट उपलब्ध कराई गई है। देश का ग्रामीण इलाका एससी और एसटी और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पेपर लीक पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यूपी की सत्ता में थे तो मेरे पास सबूत है कि कितने बार प्रश्नपत्र लीक हुए।
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