फर्जी प्रमाण पत्र पर कर रहे थे नौकरी, बिहार-मोतिहारी में छह शिक्षकों पर FIR

छत्तीसगढ़ रायपुर

मोतिहारी.

मोतिहारी में नौकरी पाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र लगाना बंजरिया प्रखंड के छह शिक्षकों को भारी पड़ गया है। उनकी नौकरी तो गई ही, अब जेल भी जाना पड़ेगा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना द्वारा शिक्षक नियोजन में फर्जी नियोजित शिक्षकों की चल रही जांच के दौरान इन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई। उसमें इनके मूल मध्यमा के प्रमाण पत्र ही जाली निकले।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा इन शिक्षकों पर बंजरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इनमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय गौरिया में पदस्थापित दो शिक्षक सुरेश कुमार और विभा कुमारी, उ.म.वि. चिन्ताहा में पदस्थापित रूबी कुमारी, उ.म.वि. अजगरी में पदस्थापित शिक्षक प्रियरंजन दूबे, उ.म.वि. बंजरिया में पदस्थापित विभा कुमारी और उ.म.वि. गोखुला में पदस्थापित शिक्षिका सावित्री यादव शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, बंजरिया प्रखंड क्षेत्र के अलग-अलग स्कूलों में पदस्थापित इन शिक्षकों पर बंजरिया थाने में निगरानी विभाग ने 22 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। बंजरिया पुलिस इस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई करेगी। इन फर्जी शिक्षकों की नौकरी जाने के साथ जेल जाने का खतरा बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि उपरोक्त शिक्षकों ने नियोजन के दौरान मैट्रिक के समकक्षीय मध्यमा का प्रमाण पत्र नियोजन के दौरान लगाया था। इधर, हाईकोर्ट के आदेश पर बिहार सरकार द्वारा फर्जी नियोजन की जांच लंबे समय से चल रही है। अभी तक जिले से बारह से ज्यादा लोगों को फर्जी प्रमाण पत्र पर शिक्षक की नौकरी करते हुए पकड़ा जा चुका है। इधर, निगरानी विभाग की कार्रवाई का यह सबसे ताजा मामला है। जब एक ही प्रखंड के छह शिक्षकों को फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करते पकड़ा गया है। इन शिक्षकों के मध्यमा के प्रमाण पत्रों को बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड ने ट्रेस लेस बताया है और फर्जी करार दिया है। निगरानी की इस नवीनतम कार्रवाई से शिक्षक बने ऐसे शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। पकड़े गए इन शिक्षकों के बाद निगरानी अपनी जद में अन्य फर्जी प्रमाण पत्रों पर बहाल शिक्षकों की पहचान कर रही है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry