गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक ऐसा शिव मंदिर है जिसे देखने और जल चढ़ाने के लिए दूर-दूर से सावन के महीने में आते हैं। यह मंदिर जिले के खजनी क्षेत्र के सरया तिवारी गांव में स्थित है। कहा जाता है मंदिर में मौजूद शिवलिंग पर मोहम्मद गजनवी ने कलमा लिख दिया था। ताकि हिंदू इसकी पूजा न करें।
आपको बता दें कि गोरखपुर शहर से 20 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद एक ऐसा मंदिर जहां सोमवार को श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ होती है। मंदिर की एक और मान्यता है। वहां के पुजारी जेपी पांडे और श्रद्धालु बताते हैं कि, इस मंदिर पर काफी बार कोशिश करने के बाद भी कभी छत नहीं लगाया जा सका। यह शिवलिंग आज भी खुले आसमान के नीचे है। मंदिर के बगल में एक तालाब है। जिसमें नहाने से कुष्ठ रोग से एक पीड़ित राजा ठीक हो गए थे।
सावन के महीना में इस मंदिर की और शिवलिंग की, मान्यता बढ़ जाती है। सोमवार को तो लोग यहां पूजा पाठ करने जल चढ़ाने आते हैं। लेकिन सावन के महीना में सुबह से ही लंबी लाइन लग जाती है। हर कोई भगवान शंकर को जल चढ़कर यहां आशीर्वाद लेना चाहता है। कई श्रद्धालु यहां पर आने के बाद शिवलिंग पर लेप लगाते हैं। उसके बाद बेलपत्र चढ़ाकर जल भगवान शंकर को अर्पित करते हैं।
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