रतलाम
शिवगढ़ पुलिस ने जामदा भिलान तालाब में मिले महिला के शव की गुत्थी सुलझा ली है। मामले में महिला के प्रेमी सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार महिला को प्रेमी उधार दिए 3500 रुपये नहीं दे रहा था, इस कारण वह बार-बार घर आकर प्रेमी के घर बैठने की धमकी दे रही थी। इससे नाराज होकर उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर चलती कार में प्रेमिका का गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
तालाब किनारे मिला था शव
एएसपी राजेश खाखा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि छह अगस्त 2024 की सुबह 35 वर्षीय लीलाबाई पुत्री ऊंकार झोड़िया निवासी ग्राम बिलड़ी का शव ग्राम जामदा भिलान स्थित तालाब की पुलिया के पास तालाब किनारे मिला था।शव गहरे पानी में नहीं था। स्वजन ने बताया था कि लीलाबाई के शरीर पर पहने जेवर भी गायब हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हुआ संदेह
लीलाबाई पांच अगस्त को सुबह शिवगढ़ गई थी। इसके बाद घर नहीं लौटी थी। संदेह था कि डूबने से उसकी मौत नहीं हुई है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत दम घुटने (गला घोंटने) से होना बताया गया। टीम ने जांच की तो पता चला कि हत्या लीलाबाई के प्रेमी 25 वर्षीय रवि राठौर ने अपने साथियों के साथ किया था। उसके साथ 24 वर्षीय अनिल निनामा व 21 वर्षीय शिवराज सिंह डोडिया ने दिया था। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
हत्या के बाद लूटे जेवर
आरोपित हत्या करने के बाद जेवर भी लूटकर ले गए थे। उनके कब्जे से जेवर भी बरामद किए गए है। पहले हत्या का मामला दर्ज किया गया था। बाद में प्रकरण में लूट की धारा भी बढ़ाई गई है। टीम में एसआइ आरसी खड़िया, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी आदि भी शामिल थे।
मोबाइल काल डिटेल से खुला राज
एएसपी राकेश खाखा ने बताया कि लीलाबाई के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की जांच की तो फोन से अंतिम बार आरोपित रवि से बात होना पाया गया। रवि को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि लीलाबाई से उसके प्रेम संबंध थे। लीलाबाई ने उसे 15 हजार रुपये उधार दिए थे, जिसमें से वह 11500 रुपये दे चुका था तथा 3500 रुपये देना शेष थे। शेष रुपयों की मांग कर वह बार-बार फोन लगाकर घर आकर बैठने की धमकी देती थी। इस कारण उसने दोस्तों अनिल व शिवराज के साथ साजिश रचकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
कैमरों से बचने के लिए तालाब किनारे फेंका शव
एएसपी राकेश खाखा के अनुसार जिले के मुख्य मार्गों व बाजारों सहित अनेक स्थानों पर सीसीसीटी कैमरे लगे है। लीलाबाई को रवि ने शिवगढ़ बुलाया था। रवि व अनिल पांच अगस्त को शिवराज की कार से शिवगढ़ पहुंचे थे। वहां से लीलाबाई को कार में बैठाया तथा कुछ दूर चलने के बाद चलती कार में ही रवि ने गला दबाकर लीलाबाई की हत्या कर कर दी थी। इसके बाद वे शव फेंकने के लिए इधर-उधर घूमते रहे तथा कैमरों से बचने के लिए तालाब किनारे पहुंचे तथा वहां शव फेंक दिया था, क्योंकि तालाब के आसपास कैमरे नहीं है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

