शिमला
हिमाचल प्रदेश में बारिश ने एक बार फिर से कहर बरपाया है। बारिश के चलते कई स्थानों भूस्खलन हुआ है। लगातार बारिश से प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश में 288 सड़कें और 5 नेशनल हाइवे बंद हो गए। 458 विद्युत ट्रांसफार्मर और 48 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हो गई है। वहीं नाहन के नजदीक नाहन-पोंटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मारकंडा नदी उफान पर है। उफनती नारकंडा नदी तबाही मचा रही है। रविवार की सुबह बनकलां में नदी किनारे बना मंदिर को सैलाब बहा ले गया। पलक झपकते ही नदी किनारे बना यह हनुमाल मंदिर पानी में समा गया।
दी के समीप टापू में फंसे 7 लोग
नाहन विधानसभा क्षेत्र के कोलर के समीप 7 लोगों के नदी के समीप टापू में फंसे हुए है। प्रशासन ने रेस्क्यू के लिए टीम को रवाना कर दिया है। बारिश का क्रम लगातार जारी है। लगातार हो रही बारिश से राहत और बचाव कार्यो में दिक्कतें हो रही है। वहीं लम्बे समय के बाद किन्नौर जिले में बारिश होने से जगह जगह भूस्खलन होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ीं है। बारिश होने से लियो और हांगो सम्पर्क मार्ग पर भारी भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह से अवरूद्ध हुआ है। वही सतलुज और स्पीति नदी के संगम खाब में भी कल शाम बादल फटने से सड़क मार्ग को नुकसान हुआ है।
किन्नौर में भारी बारिश का दौर जारी
बता दें कि किन्नौर जिले के कई क्षेत्रों में भयंकर बारिश जारी है। वहीं सांगला वैली में भी जमकर बारिश होने से नदी नाले उफान पर है। सांगला वैली के बास्पा नदी पर बनी जल विधुत परियोजना डैम से 200 क्यूमेक्स पानी छोडा़ गया। वहीं प्रशासन ने भी लोगों से अपील की कि नदी नाले और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाएं।
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