मुंबई
भारतीय बाजार की बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए कई विदेशी कंपनियां अपनी लोकल यूनिट का आईपीओ भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं। दरअसल दक्षिण कोरिया की वाहन निर्माता कंपनी हुंडई पहले ही अपनी भारतीय इकाई का आईपीओ लाने के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट जमा कर चुकी है। वहीं अब कोका-कोला भी इस सूची में शामिल हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह निवेशकों के लिए एक खुशी की बात हो सकती है।
बोटलिंग इन्वेस्टमेंट्स ग्रुप (BIG) का बंद होना:
दरअसल कोका-कोला कंपनी ने रविवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। जिसमें कंपनी ने जानकारी दी कि वह बोटलिंग इन्वेस्टमेंट्स ग्रुप (BIG) को बंद कर रही है। वहीं ईटी की रिपोर्ट की माने तो, कोका-कोला के इंटरनेशनल डेवलपमेंट प्रेसिडेंट हेनरिक ब्राउन ने एक इंटरनल नोट में कहा कि 30 जून से BIG का कॉरपोरेट ऑफिस बंद हो जाएगा। इस बड़े फैसले का कोका-कोला के वैश्विक कारोबार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि BIG के तहत ही कंपनी पूरी दुनिया में बोटलिंग बिजनेस चलाती है।
भारतीय बिजनेस पर भी होगा विशेष प्रभाव:
वहीं कोका-कोला द्वारा लिए जा रहे इस बड़े कदम का असर भारत के व्यापर पर भी दिखाई देगा। दरअसल देश में कोका-कोला की पूर्ण स्वामित्व वाली बोटलिंग कंपनी हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (HCCB) को BIG के जरिए ही नियंत्रित किया जाता है। जानकारी के अनुसार इसी कड़ी में कंपनी द्वारा अपने इंटरनल नोट में भारतीय बिजनेस का विशेष उल्लेख भी किया गया है। दरअसल ब्राउन का कहना है कि “अब भारत, नेपाल और श्रीलंका का बिजनेस सीधे कोका-कोला के इंटरनल बोर्ड की निगरानी में रहेगा।”
हालांकि पहले खबरें आई थीं कि कोका-कोला अपनी भारतीय बॉटलिंग कंपनी हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज की कुछ हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी ने कथित तौर पर भारत के चार प्रमुख कॉरपोरेट घरानों से संपर्क साधा है। वहीं ऐसा भी माना जा रहा है कि कंपनी की मूल्यांकन का अंदाजा कोका-कोला, हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज का आईपीओ लाने से पहले उसकी कुछ हिस्सेदारी बेचकर लगाने का विचार कर रही है।
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