जबलपुर
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आज अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा से जुड़े मामले की सुनवाई अब 27 अगस्त को होगी। कोर्ट ने कहा है कि हम चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं।आज सुनवाई के दौरान एमपी हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और विनय सराफ की बैंच ने चिकित्सकों के हड़ताल वापस लेने के फैसले की तारीफ की। इस दौरान डॉक्टर्स के अधिवक्ता ने कहा कि चिकित्सक संगठन सुरक्षा संबंधी सुझाव देने के लिए थोड़ा वक्त चाहते हैं।
याचिकाकर्ता के वकील अभिषेक पांडे ने बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई कर रहा। कोर्ट ने कहा कि अगर डॉक्टरों की वह मांग जो की स्टेट लेवल की है, और उस पर सुनवाई अगर सुप्रीम कोर्ट में नहीं हो पाती है तो बची हुई मांगों को लेकर डॉक्टर अपनी बात 27 अगस्त को रख सकते हैं। हम उनकी बातें सुनेंगे।
शनिवार को लगाई थी फटकार
शनिवार को हाईकोर्ट की फटकार के बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त कर दी थी। लेकिन, डॉक्टर्स ने ड्यूटी के दौरान उनकी सुरक्षा-व्यवस्था सुनिश्चित करने गुहार लगाई थी। इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि पहले हड़ताल समाप्त करें। इस मुद्दे पर 20 अगस्त को सुनवाई करेंगे।
17 अगस्त को हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच के समक्ष उपस्थित होकर जूनियर डॉक्टर के वकील महेंद्र पटेरिया ने बताया था कि देश में लगातार डॉक्टरों पर हमले हो रहे है। अस्पताल में भी डॉक्टर अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे है। डाक्टर खास तौर पर लेडी डॉक्टर को अस्पतालों में ड्यूटी के दौरान ज्यादा खतरा बना रहता है।
फैसले के दूरगामी नतीजे होंगे
दरअसल, कुछ दिन पहले कोलकाता में हुई घटना के बाद देशभर में डॉक्टरों में रोष था। कई राज्यों के डॉक्टर्स ने विरोध प्रदर्शन करते हुए हड़ताल कर दी। लगातार मरीजों के परेशान होने पर नरसिंहपुर निवासी की याचिका पर शनिवार को सुनवाई हुई थी। IMA अध्यक्ष डॉ. अवजित विश्नोई ने बताया कि 17 अगस्त को हाईकोर्ट ने हम डॉक्टरों की बात सुनी। आज कोर्ट जो भी निर्देश या फैसला देगा वह दूरगामी परिणाम तय करेगा।
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