जिन्हे जन्माष्टमी मनाने में दिक्क्त है वह इसकी जगह ईद मना सकते हैं, उन्हें कौन मना रहा है? हम जन्माष्टमी मनाएंगे- रामेश्वर शर्मा

राजनीती

भोपाल

मध्य प्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में जुबानी जंग चल रही है। राज्य की डॉ. मोहन यादव सरकार ने सभी स्कूलों और कॉलेजों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने का आदेश दिया है। सरकार ने 21 अगस्त को सभी डिविजनल कमिश्नर और जिला कलेक्टरों को जारी आदेश में कहा कि 26 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर हर जिले में भगवान कृष्ण के मंदिरों की सफाई और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि शिक्षण संस्थान शिक्षा का केंद्र हैं और इसे केवल इसके लिए ही रहने दोना चाहिए।

सरकार ने आदेश में आगे कहा गया है कि कृष्ण जन्माष्टमी पर सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में भगवान कृष्ण की शिक्षा, मित्रता और जीवन दर्शन को लेकर विभिन्न विषयों पर विद्वानों के जरिए व्याख्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। आदेश को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि राज्य सरकार शैक्षणिक संस्थानों को बर्बाद करने में क्यों लगी हुई है। आप आखिर चाहते क्या हैं?

कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक ने एएनआई से कहा, 'मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि सरकार शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने में क्यों लगी हुई है? शिक्षण संस्थान केवल पढ़ाई और अच्छे माहौल के लिए होते हैं। धार्मिक कार्यक्रमों के लिए छुट्टी होती है, जिसे हिंदू और मुसलमान अपने तरीके से मनाते हैं। हाल ही में हमने राखी मनाई और हम जन्माष्टमी के कई आयोजनों में भी शामिल हुए, लेकिन आप शिक्षण संस्थानों के लिए इसे (जन्माष्टमी) अनिवार्य बनाते हैं और दूसरी तरफ मदरसों पर उंगली उठाते हैं। आप आखिर क्या चाहते हैं? यह देश संविधान से चलेगा और हमारा संविधान बहुत बढ़िया है, सभी ने इसे स्वीकार किया है। इसलिए इसे संविधान से चलाएं, गोडसे के विचारों से नहीं।'

आपको ईद मनानी है तो मनाइए

इस बीच, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पूरे प्रदेश में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने के फैसले पर मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार ने पूरे प्रदेश में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाने का फैसला लिया है और जिन कांग्रेस नेताओं को इस पर आपत्ति है, वे सुन लें कि यह एक भारतीय त्योहार है और कांग्रेस को जन्माष्टमी पर आपत्ति क्यों है? अगर वे जन्माष्टमी की जगह ईद मनाना चाहते हैं, तो कांग्रेस ऐसा कर सकती है, उन्हें कौन मना रहा है? हम जन्माष्टमी मनाएंगे। भगवान कृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा प्राप्त की थी, इसलिए यह प्रदेश की जिम्मेदारी है कि जन्माष्टमी को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाए। मैं मोहन यादव सरकार को इस त्योहार को सरकारी स्तर पर मनाने के लिए बधाई और धन्यवाद देता हूं'

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