इंदौर
इंदौर नगर निगम में हुए 150 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी अभय राठौर को हाई कोर्ट से ज़मानत नहीं मिली है। अदालत ने उसकी ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने आरोपी की ज़मानत याचिका को ख़ारिज कर दिया है।
अभय राठौर को फ़िलहाल नहीं मिली है। उसकी तरफ़ से दायर ज़मानत याचिका में कहा गया था कि अन्य आरोपियों को भी ज़मानत मिल चुकी है इसलिए उसे भी राहत दी जाए। लेकिन इस याचिका को अदालत ने ख़ारिज कर दिया। पुलिस नो इस ज़मानत याचिका पर आपत्ति ली थी और कहा था कि घोटाले के अन्य आरोपी भी जेल में हैं इसलिए राठौर को ज़मानत मिलने से केस प्रभावित हो सकता है।
जेल में ही रहेगा फर्ज़ी बिल घोटाले का मुख्य आरोपी
इंदौर में डेढ़ सौ करोड़ के फर्ज़ी बिल घोटाला का पर्दाफ़ाश हुआ तो इसने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी। इसके बाद विपक्ष लगातार इसका विरोध कर रहा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। पिछले दिनों भी जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस ने एक बड़ा धरना प्रदर्शन किया था। अभय राठौर इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है। उसने पिछले दिनों ज़मानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। लेकिन अदालत ने उसकी मांग अस्वीकार करते हुए ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है।
इंदौर नगर निगम (आईएमसी) में उजागर हुए फर्ज़ी बिल घोटाले ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है, बल्कि शहर की विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार की गहरी पैठ को भी सामने ला दिया है। यह घोटाला न केवल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे भ्रष्टाचार ने शहर के विकास को बाधित किया है।
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