जांजगीर चांपा
जांजगीर चांपा जिले से लगे ग्राम पंचायत जर्वे (च) की जर्जर सड़क की हालत और हाई स्कूल खोले जाने की मांग की लेकर चक्का जाम कर धरना प्रदर्शन किया गया। मौके पर राजस्व अधिकारी तहसीलदार और पुलिस टीम पहुंची,4 माह में सड़क की मरमत और हाई स्कूल के शासन को लेटर भेजने की बात पर सहमति बनने पर चक्का जाम और धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार आज बुधवार को जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत जर्वें (च) के ग्रामीण जर्जर सड़क की हालत से परेशान है सड़को के कई हिस्से टूट चुके है तो गड्ढे में तब्दील हो चुकी है सड़क पर पानी का बहाव होने के गड्ढे का पता नही चलपता है जिससे कई मोटर साइकिल यात्री हादसे का शिकार हो चुके है। इस सड़क में पैदल चलना ग्रामीणों के दुश्वार हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है की सड़क की मरमत कराने को लेकर कई बार कलेक्टर को जन दर्शन में आवेदन दिया गया । पीडब्ल्यूडी विभाग को भी आवेदन दिया गया था। मगर जिला प्रशासन के कानो में जू तक नही पहुंची बरसात के दिनों में सड़क की हालत बेहत खराब है।
वहीं दूसरी मांग की ग्राम पंचायत की जमीन पर हाई स्कूल के लिए भवन निर्माण किया गया है जिससे शासकीय कार्यालय बना दिया गया है। जिसे दूसरे जगह संचालन करने के लिए आवेदन दिया गया था मगर स्कूल का भवन खाली नही किया गया है। 9 से12 तक के छात्र छात्राओं को 8 किलो मीटर दूर पीथमपुर जाना पड़ता है। हाई स्कूल खोले जाने की मांग रखी है।
जांजगीर और जर्वे मुख्य मार्ग पर 1 घंटे तक चक्का जाम और धरना प्रदर्शन करने के बाद तहसीलदार राजकुमार मरावी ने ग्रामीणों की मांग को प्रमुखता से सुना और 4 माह के भीतर सड़क मरमत कराने और हाई स्कूल के लिए शासन को पत्र भेजने की बात पर सहमति बनने के बाद धरना प्रदर्शन चक्का जाम को समाप्त किया गया। पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ दलगंजन साय ने बताया की गांव की सड़क को बनाने के लेकर वर्ष 2022-23 में 19 करोड़ 17 लाख रुपए का बजट शासन को भेजा गया था। बजट पास नहीं होने के कारण सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। फिर से शासन को बजट भेजा गया है।
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