32 एकड़ पंचायती भूमि पर महिला सरपंच ने लिया पौधारोपण करने का फैसला, सराहनीय काम

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जुआं गांव की पंचायत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। गांव की महिला सरपंच सुशीला देवी ने 32 एकड़ पंचायती भूमि पर पौधारोपण करने का फैसला किया है। एक अक्टूबर को गांव में पांच हजार विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे। यह बाग प्रदेश का सबसे बड़ा ऑक्सीजन बाग होगा, जिसमें छायादार और औषधीय पौधे शामिल होंगे। पौधारोपण के लिए जमीन की लेवलिंग, गड्ढे बनाने और तारबंदी का कार्य तेजी से चल रहा है।

सुशीला देवी का महत्वपूर्ण कदम
जुआं गांव में दो पंचायतें हैं और जुआं-1 की सरपंच सुशीला देवी ने गांव को हरा-भरा बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। पहले पंचायती जमीन को पट्टे पर दिया जाता था, जिसका इस्तेमाल गांव के विकास कार्यों में किया जाता था। लेकिन अब उन्होंने पौधारोपण का निर्णय लिया है, जिससे गांव की आबो-हवा को शुद्ध किया जा सके। पौधारोपण का कार्य पंचायती विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। इस पहल के तहत पंचायत ने 32 एकड़ भूमि की बोली लगाने के बजाय पौधारोपण पर ध्यान केंद्रित किया है। बाग की सुरक्षा के लिए चारों तरफ तारबंदी का कार्य भी किया जा रहा है, ताकि पौधे सुरक्षित रह सकें। यह पहल न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि गांव के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

गांव की नहर के किनारे घट रही हरियाली
गांव के सबसे बुजुर्ग बताते हैं कि पहले यहां हजारों की संख्या में छायादार और फलदार पेड़ थे, लेकिन समय के साथ कई पेड़ टूट गए या काट दिए गए हैं, जिससे गांव में हरियाली घटती जा रही है। गांव की महिला सरपंच ने प्रशासन के सहयोग से पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण की पहल की है, जो सराहनीय है। उनके पति विनोद भी लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं।

प्रदेश का सबसे बड़ा ऑक्सीजन बाग
गांव की गलियां और नाले लगभग पक्के हैं और यहां 18 घंटे बिजली की आपूर्ति होती है। अधिकांश विकास कार्य पूरे हो चुके हैं और जो भी कार्य बचे हैं, उन्हें समय पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। 32 एकड़ भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा, जिससे यह प्रदेश का सबसे बड़ा ऑक्सीजन बाग बनेगा। महिला सरपंच सुशीला देवी ने बताया कि पंचायत की ओर से गांव की पंचायती भूमि पर पौधारोपण का प्रस्ताव जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों को भेजा गया था। प्रशासनिक अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पौधारोपण का कार्य शुरू किया जाएगा। आगामी एक अक्टूबर को गांव के ग्रामीणों के साथ मिलकर पौधे रोपित करने का काम किया जाएगा, जिससे गांव को हरा-भरा बनाने में मदद मिलेगी।

 

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