भोापाल
राजभवनने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में कुलपति के तौर पर राकेश सिंघई को नियुक्त कर दिया है। अब राजभवन विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में कुलपति की नियुक्ति करेगा। विक्रम विवि में प्रदेश के मुख्यमंत्री के मित्र अर्पण भारद्वाज को नियुक्त करेगा। सभी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी हैं। अब सिर्फ औपचारिकता के तौर पर सिर्फ उन्हें नियुक्त करने का आदेश निकालना ही शेष रह गया है।
विक्रम विवि कुलपति को चयनित करने के लिऐ राजभवन को काफी संख्या में आवेदन मिल। उनकी स्क्रटनी करने के लिए राज्यपाल की नोमिनी महाराजा छात्रसाल विवि की कुलगुरू डॉ. शुभा तिवारी को सर्च कमेटी का अध्यक्ष बनाया था। इसके अलावा राजभवन ने रानी दुर्गावति विवि जबलपुर के पूर्व कुलपति कपिल देव मिश्र और यूजीसी की तरफ से प्रोफेसर व्हीडी शुक्ला शिमला को सदस्य के तौर पर शामिल किया था। सर्च कमेटी ने एक दर्जन उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेकर गोपनीय लिफाफा तैयार कर राजभवन को सौंप दिया है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल लिफाफे में आए उम्मीदवारों के साक्षात्कार पर विचार कर रहे हैं। ऐसा बताया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मित्र कहे जाने वाले अर्पण भारद्वाज को विक्रम विवि का नया कुलगुरू बताया जा रहा है। क्योंकि मुख्यमंत्री यादव उज्जैन विधानसभा से चुने गए विधायक भी हैं। इसलिए उन्होंने अपने मित्र अर्पण भारद्वाज को कुलगुरू बनाने के लिऐ राज्यपाल मंगुभाई पटेल से कुछ दिनों पहले मुलाकत भी की है। जिसके फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। हालांकि वर्तमान में कुलगुरू अखिलेश पांडे का कार्यकाल खत्म हो गया है। राज्यपाल ने उन्हें नये कुलगुरू के नियुक्त होने तक प्रभार सौंपा है। राजभवन जैसे ही अर्पण भारद्वाज को विक्रम विवि का कुलगुरू नियुक्त करेंगे। वे अपना प्रभार नये कुलपति को सौंप कर विक्रम विवि से विदा लेंगे।
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