अपर सत्र न्यायाधीश ने कहा-लव जिहाद पर दोष सिद्ध होने पर दोषी पर एक लाख रुपए का जुर्माना सहित उम्र कैद की सजा सुनाई

उत्तर प्रदेश राज्य

बरेली
लव जिहाद के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) प्रथम के जज रवि कुमार दिवाकर ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध होने पर दोषी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने आशंका जताई है कि उसे लव जिहाद फैलाने को फंडिंग की जाती थी।

यह है पूरा मामला
दो वर्ष पहले देवरिया की रहने वाली एक युवती ने प्राथमिक की लिखवाई, कहा कि वह राजेंद्र नगर में कंप्यूटर कोचिंग पढ़ने जाती थी। वहां पर जादौंपुर से एक लड़का कोचिंग पढ़ने आता था।  आरोप है कि वह अपना नाम आनन्द बताता था, हाथ में कलावा भी बांधता था। ज्यादातर दिनों में साथ-साथ आते जाते थे। आरोप है कि आरोपी ने उससे शादी की बात कही। वह उसके बहकावे में आ गई और वह 13 मार्च 2022 को राधा कृष्ण मंदिर में उसकी मांग में सिन्दूर भर दिया। इसके बाद वह उसे रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के पास अपने दोस्त तालिम के कमरे में ले गया और शारीरिक संबंध बनाए। अश्लील वीडियो, फोटो लिए। बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर कई बार राजरानी होटल ले गया। बिना मर्जी के जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।

इसी बीच पीड़ित गर्भवती हो गई। एक दिन वह उसके घर जादौपुर गई, तब पता चला कि उसका सही नाम मो. आलिम है। आरोप है कि आरोपी के परिवार वालों ने उसे पकड़ लिया और कहा उसका गर्भपात कर दो और इसके बाद मतांतरण कराकर निकाह कर लो। इससे वह घबरा गई और वहां से भाग गई।

आरोप है कि आलिम ने जान से मारने की धमकी दी और गर्भपात करने की दवा खिला दी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध चार सीट लगे कोर्ट ने आरोपी आलिम को उम्रकैद की सजा सुनने के साथ ही एक लाख रुपए जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में फंडिंग की भी आशंका जताई है।

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