हरियाणा में विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस जीती तो किसे मिलेगा ताज?, हरियाणा में CM की रेस में चार बड़े नेता

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हरियाणा में विधानसभा चुनाव के तहत मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एग्जिट पोल के भी नतीजे आ गए हैं. जैसा कि कांग्रेस अपनी जीत का दावा कर रही थी, ज्यादातर एग्जिट पोल भी उसी ओर इशारा कर रहे हैं. अगर 8 अक्टूबर को नतीजे कांग्रेस के पक्ष में जाते हैं तो पार्टी के लिए सबसे बड़ा टास्क सीएम का चेहरा तलाशना होगा, क्योंकि यहां दावेदार कई हैं. पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा, रणदीप सिंह सुरेजवाला और दीपेंद्र सिंह हुड्डा सीएम पद की रेस में हैं. हालांकि, इनमें से तीन ने विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा है.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा
राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा गढ़ी सांपला किलोई सीट से चुनाव मैदान में हैं. यहां से वह पांच बार के विधायक रहे हैं. उन्होंने 2005 से 2014 के बीच हरियाणा के सीएम पद की जिम्मेदारी संभाली है. वह हरियाणा में कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं. सीएम पद की रेस में वह सबसे आगे हैं. वह सीएम बनने के इच्छुक भी हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि आखिरी निर्णय हाईकमान करेगा और जो फैसला किया जाएगा, उसे वह मानेंगे.

कुमारी सैलजा
सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा कई मौके पर अपने सीएम बनने की इच्छा जाहिर कर चुकी हैं. मतदान संपन्न होने के बाद भी उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा था कि राज्य की जनता और विशेषकर महिलाएं चाहती हैं कि हरियाणा में महिला सीएम बने. वह विधानसभा का चुनाव भी लड़ना चाहती थीं. टिकट बंटवारे में उनके करीबियों को उतनी तवज्जो न दिए जाने से भी नाराज थीं. वह भले ही विधानसभा चुनाव ना लड़ पाई हों, लेकिन पार्टी के हरियाणा प्रभारी ने यह साफ शब्दों में कहा था कि किसी ने चुनाव ना भी लड़ा हो तो भी वह सीएम बन सकता है, उसके पास हाईकमान का आशीर्वाद होना चाहिए.

रणदीप सिंह सुरेजवाला
राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला भी सीएम बनने की महात्वाकांक्षा रखते हैं. कैथल से ताल्लुक रखने वाले सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला विधानसभा चुनाव से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर रहे हैं. उन्होंने भी यह कहा है कि वह चाहते हैं कि उनके पिता हरियाणा के सीएम बनें. हालांकि, सैलजा की तरह रणदीप सुरजेवाला को भी विधानसभा का टिकट नहीं दिया गया है. रणदीप सुरजेवाला ने भी कहा था कि मुख्यमंत्री बनने की महात्वाकांक्षा रखना गलत नहीं है, लेकिन पार्टी नेतृत्व के फैसले को वह स्वीकार करेंगे.

दीपेंद्र सिंह हुड्डा
दीपेंद्र सिंह हुड्डा इस बार रोहतक से निर्वाचित होकर लोकसभा पहुंचे हैं. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र ने अपने पिता के लिए जोर-शोर से प्रचार किया है. हरियाणा चुनाव में उनकी सक्रियता खूब देखी गई है. ऐसे में जूनियर हुड्डा भी सीएम पद की रेस में हैं. हालांकि, जब उनके पिता भूपेंद्र हुड्डा से बेटे के सीएम बनने की संभावना पर सवाल किया था तो उन्होंने कहा था, "ना मैं रिटायर हूं और टायर्ड हूं.'' ऐसे में जाहिर है कि अगर हुड्डा परिवार में किसी को सीएम बनाया जाएगा तो वह सीनियर हुड्डा ही होंगे.

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