जयपुर/म्यूनिख
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अपनी जर्मनी यात्रा के दूसरे दिन म्यूनिख में ‘राइजिंग राजस्थान’ इन्वेस्टर रोड शो में भाग लिया और जर्मनी के निवेशकों और इन्नोवेटर्स को राजस्थान में इकाइयां लगाने के लिए आमंत्रित किया। इन्वेस्टर रोड शो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने जर्मनी के व्यावसायिक जगत और कारोबारी समूह से राजस्थान के ऑटोमोबाइल, ईएसडीएम, सप्लाई चेन एवं लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, पेट्रोलियम, खान एवं खनिज, अक्षय ऊर्जा, रक्षा, पैकेजिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का आह्वान किया और कहा कि राजस्थान में निवेश के लिए बनाए गए सकारात्मक वातावरण के सुपरिणाम मिलने लगे हैं और ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 की घोषणा के दो महीने के भीतर ही, अब तक 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किये जा चुके हैं।
‘राइजिंग राजस्थान’ इन्वेस्टर रोड शो के दौरान जर्मनी के निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा, “मैं आप सभी से राजस्थान में निवेश करने और समृद्ध भविष्य के निर्माण के हमारे प्रयासों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। राज्य में निवेश करने वाले प्रत्येक उद्यमी को मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। जर्मनी, जो वैज्ञानिक नवाचारों, तकनीकी कौशल, समृद्धि और विकास का एक शक्तिशाली प्रतीक है, के साथ हम अपनी मजबूत साझेदारी स्थापित करना चाहते हैं। राजस्थान रणनीतिक रूप से एक आदर्श गंतव्य है और हमारे पास मजबूत बुनियादी ढांचा और प्रचुर मात्रा में संसाधन हैं। इसके अलावा, व्यापारिक जगत के अनुकूल हमारी नीतियां हमें जर्मन कंपनियों के लिए एक आदर्श व्यापार स्थल बनाती हैं।”
राजस्थान एक आदर्श सप्लाई चेन डेस्टिनेशन
इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि भारत को वैश्विक कंपनियों के लिए एक सप्लाई चेन डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है और अपनी सक्रिय और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण राजस्थान भारत में इन कंपनियों का विश्वसनीय भागीदार बनने के लिए तैयार है। आपके निवेश को समृद्ध और सुरक्षित बनाने के लिए राजस्थान सरकार हर कदम पर आपके साथ है।
अक्षय ऊर्जा में निवेश का आमंत्रण
जर्मनी के निवेशकों को राज्य के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश हेतु आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी कहा कि 2031-32 तक राजस्थान अपनी अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता, जो फिलहाल 28 गीगावाट है, से बढ़ाकर 115 गीगावाट करेगा और इसके लिए 5.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की आवश्यकता है। “जर्मनी जो अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में वर्ल्ड लीडर है, राजस्थान में सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में परियोजनाएं शुरू कर सकता है ।
कई प्रमुख जर्मन कंपनियों के संग हुए एमओयू
म्यूनिख में आयोजित इस इन्वेस्टर रोड शो में राजस्थान सरकार ने अल्बाट्रॉस प्रोजेक्ट्स, फ्लिक्सबस, पार्टेक्स एनवी, वेउली टेक्निक्स जीएमबीएच, और इंगो श्मिट्ज जैसी कई बड़ी जर्मन कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। ये कंपनियां रक्षा, मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ऑटोमोबाइल और कौशल विकास क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में काम करती हैं। इसके अलावा, इस दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के निवेशकों, व्यापारिक समूहों और इन्नोवेटर्स के साथ भी बातचीत की और उन्हें राजस्थान में निवेश हेतु आमंत्रित किया।
जर्मनी के साथ सहयोग को उत्सुक: दिया कुमारी
मुख्यमंत्री के साथ जर्मनी में मौजूद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस अवसर पर कहा, “राजस्थान नवाचार को अपनाकर, तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देकर और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश करके अपनी विशाल क्षमता को अनलॉक करने के लिए तैयार है। राजस्थान जर्मनी के साथ तकनीक और अन्य प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए उत्सुक है।”
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