भोपाल
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के छात्रावास में पासआउट हो चुके विद्यार्थी अपने कमरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे नव प्रवेशित विद्यार्थियों को छात्रावास में रहने के लिए कमरे आवंटित नहीं हो रहे हैं। ऐसे अनाधिकृत विद्यार्थियों को छात्रावास से बाहर करने के लिए बीयू प्रबंधन ने समिति का गठन किया है। अब समिति विद्यार्थियों से कमरे खाली कराने की कार्रवाई करेगी।
बीयू के जवाहर और मुंशी प्रेमचंद छात्रावास में पासआउट विद्यार्थी कमरे छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। वर्तमान सत्र में उन्हें किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं मिल सका है। इसके कारण बीयू के छात्रावास में रहने की पात्रता नहीं रखते हैं। बीयू प्रबंधन को उन्हें छात्रावास के कमरों से बाहर करने में परेशानी आ रही है। इस संबंध में छात्रावास के चीफ वार्डन ने बीयू प्रबंधन से शिकायत की है। बीयू प्रबंधन ने छात्रावास में रहने वाले अनाधिकृत विद्यार्थियों को बाहर करने के लिए समिति का गठन किया है।
यह समिति छात्रावास के एक-एक कमरे में जाकर विद्यार्थियों का परीक्षण करेगी। जहां अनाधिकृत तौर पर रह रहे विद्यार्थियों से कमरों को खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विवि पुलिस की भी मदद ली जाएगी। हालांकि विवि ने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों को फीस भरने के लिए 21 अक्टूबर तक का समय दिया है। अगर इसके बाद भी जो विद्यार्थी फीस जमा नहीं करेंगे, उन्हें अनाधिकृत माना जाएगा।
समिति में ये शामिल
समिति का अध्यक्ष चीफ वार्डन हेमंत खंडई को बनाया गया है। उनके साथ सात सदस्यों में डॉ. अच्छेलाल, डॉ. सुनील स्नेही, डॉ. सीएस गर्ग, प्राक्टोरियल बोर्ड के सभी सदस्य, अनुशासन समिति के सभी सदस्य, सुरक्षा प्रभारी कपिल सोनी और सुरक्षा अधिकारी डॉ. राघवेंद्र शर्मा को शामिल किया गया है।
नए विद्यार्थी हो रहे परेशान
बीयू के विभागों में बाहर से आए नए विद्यार्थियों ने यूजी के प्रथम वर्ष और पीजी के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश ले लिया है, लेकिन पासआउस विद्यार्थियों द्वारा छात्रावास के कमरे खाली नहीं करने के कारण नए विद्यार्थियों को छात्रावास में रहने के लिए कमरे आवंटित नहीं हो रहे हैं। ये छात्र कमरे के लिए परेशान हो रहे हैं।
पाठ्यक्रम पूरा कर चुके पुराने विद्यार्थियों और अनाधिकृत विद्यार्थियों को बाहर करने के लिए बीयू प्रबंधन द्वारा समिति गठित की गई है। इसके तहत कार्रवाई की जाएगी। चीफ वार्डन से अनाधिकृत विद्यार्थियों की संख्या मांगी गई है।
– पवन मिश्रा, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण समिति, बीयू
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

