अजमेर.
शहर में सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों के विरोध में सोमवार को नगर निगम के वार्ड 72 के पार्षद गजेंद्र सिंह रलावता शहर के गांधी भवन चौराहा पर धरने पर बैठे, इस दौरान उनके साथ कई कांग्रेसी पार्षद भी मौजूद थे। सत्याग्रह कर रहे पार्षद ने अवैध निर्माण और कब्जा करने वालों पर कार्रवाई की मांग के साथ ही अन्य मांगें भी की हैं।
उन्होंने कहा कि वार्ड 72 में खसरा संख्या 2647 जो कि नगर सुधार न्यास अजमेर के नाम दर्ज है, उक्त सरकारी भूमि से अवैध कब्जा तुरंत प्रभाव से हटाया जाए तथा जिस आवेदक ने जाली दस्तावेज प्रस्तुत कर निगम से मानचित्र स्वीकृत कराया है, उसके विरुद्ध निगम द्वारा एफआईआर की जाए। साथ ही जिसने उक्त मानचित्र को अनुमोदित किया उसका रजिस्ट्रेशन निरस्त करते हुए उसे ब्लैक लिस्ट किया जाए। गजेंद्र सिंह रलावता ने कहा कि पार्षदों द्वारा नगर निगम प्रशासन को जो पत्र लिखे जाते हैं उनका जवाब सात दिवस के अंदर दिलवाने के आदेश प्रदान किए जाएं। इसी के साथ उन्होंने मांग की है कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत पार्षदों को प्रदत्त शक्तियों के तहत निगम प्रशासन द्वारा नगर निगम के अभिलेखों का निरीक्षण तीन दिवस के अंदर कराया जाए। साथ ही उन्होंने नगर निगम से यह भी मांग की है कि नगर निगम क्षेत्र की आवश्यक मानचित्र जो नगर निगम में आवेदन किए जाते हैं उन्हें एक निश्चित अवधि में स्वीकृत करने के आदेश जारी किया जाएं साथ ही जिस कर्मचारी की बेवजह की गई टिप्पणी से विलंब होता है, उनका दायित्व निश्चित किया जाए। उन्होंने दिवाली को देखते हुए वार्ड में पर्याप्त नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने की भी मांग की है। इस धरना आंदोलन में रलावता के साथ महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष व पार्षद हितेश्वरी टाक, नरेश सत्यावना, शक्ति सिंह रलावता, शिव कुमार बंसल सहित अन्य लोग शामिल थे।
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