केंद्र सरकार भी 10 हाथियों की मौत पर सख्त, मांगी रिपोर्ट

मध्य प्रदेश राज्य

उमरिया

उमरिया जिले में आने वाले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। सब यह जानना चाहते हैं कि अचानक से इतने हाथियों की मौत कैसे हुई। राज्य सरकार ने भी इस मामले में प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। जबकि केंद्र सरकार भी इस मुद्दे पर सख्त नजर आ रहा है। पीएमओ ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है, क्योंकि अब तक 10 हाथियों की मौत का खुलासा नहीं हो पाया है। फिलहाल, लैब की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

उमरिया में अचानक से 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि सभी हाथियों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। जबकि हाथियों की निगरानी के लिए टीम भी रहती है। फिलहाल, इस घटना के बाद हाथियों की निगरानी के लिए छह विशेष दल गठित किए गए हैं। हाल ही में सीएम मोहन यादव ने भी वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। जहां लापरवाही मिलने पर फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी और पनपथा एसडीओ फतेह सिंह निनामा को मामले में सस्पेंड भी किया गया है। सीएम ने इस मामले में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं, जबकि केंद्र सरकार ने भी रिपोर्ट मांगी है।

बताया जा रहा है कि हाथियों की मौत के मामले में अगर कुछ और अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उस पर भी एक्शन हो सकता है। क्योंकि हाथियों ने मौत से पहले बड़ी मात्रा में कोदो खाया था। फिलहाल, जंगली हाथियों पर निगरानी रखने के लिए वन विभाग की टीम को भी अलर्ट किया गया है।

सीएम मोहन यादव ने हाथियों की मौत के मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, पिछले कुछ समय में हाथियों और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की बात भी सामने आई है। क्योंकि हाथी स्थानीय रहवासी इलाके में भी घुसे हैं, जिससे कई बार स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोग भी हाथियों को भगाते हैं, जिससे यहां डर बना रहता है। यही वजह है कि स्पेशल फोर्स गठित करने के निर्देश भी सीएम ने दिए हैं।

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