रायपुर
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में हर्बल प्रोडक्ट्स की नेटवर्क मार्केटिंग (Network Marketing) और चिटफंड व्यवसाय (Chit Fund Business) से जुड़े फ्रॉड (Fraud) को लेकर सरकार सख्ती दिखा रही है. इसी मामले में छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग (Education Department) ने एक नोटिस जारी किया है. इसमें साफ तौर पर उन शिक्षकों (CG Teachers) के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही गई है जो इस तरह के मामलों में लिप्त पाए जाएंगे. शिक्षा विभाग की ओर से महासमुंद, बिलाईगढ़ और कोरबा समेत अन्य जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा हर्बल लाइफ और नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े शिक्षकों की जानकारी जुटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं. वहीं अब दुर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी ने नेटवर्क मार्केटिंग और चिटफंड से जुड़े शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है. गरियाबंद में भी ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
स्कूल टाइम पर कई टीचर मार्केटिंग से जुड़े रहते हैं
सूत्रों के मुताबिक गरियाबंद के विभिन्न स्कूलों जैसे बेहराबुड़ा, सढ़ौली, पारागांव, बेन्दकुरा, भिलाई, और आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल आदि में शिक्षकों की संख्या काफी है, जो विद्यालयीन समय में मार्केटिंग कार्यों में जुटे रहते हैं. कई मामलों में पति-पत्नी दोनों एक साथ इस व्यवसाय में जुड़े हुए हैं. व्हाट्सएप पर शिक्षकों से संपर्क करने पर हर्बल प्रोडक्ट्स के प्रचार के संदेश भी देखे गए हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि ये गतिविधियां न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि सरकारी सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का भी उल्लंघन कर रही हैं, जो सरकारी कर्मचारियों को अन्य व्यवसायों में संलिप्त होने से रोकता है.
अधिकारियों का क्या कहना है?
जिला शिक्षा अधिकारी एके सारस्वत ने बताया कि शिक्षकों की सूची मंगवाई जा रही है और जानकारी आने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी.
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