दिल्ली/ NCR
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर रीजन में 12वीं तक के स्कूल बंद करने का फरमान सुनाया है. उसने इन सभी जिलों में ऑनलाइन क्लासेज का आदेश दिया है. SC ने सभी NCR के अंतर्गत आने वाले राज्यों से कहा है कि वो ग्रैप 4 के तहत लगी पाबंदियों पर अमल तत्काल रूप से करें. कोर्ट ने सभी राज्यों से इस बारे में निगरानी कमेटी बनाने को भी कहा है. सीएक्यूएम के ग्रैप 4 नियम लागू करने के बाद दिल्ली में कल 10वीं और 12वीं को छोड़कर सारे स्कूल बंद कर ऑनलाइन मोड में चलाने का नियम लागू हो गया था.
अदालत ने दिल्ली और बाकी राज्य सरकारों से कहा है कि जनता की शिकायत दूर करने और उन्हें दर्ज करने के लिए प्रभावी तंत्र बनाएं. अदालत ने दो टूक कहा कि अगर AQI सुधरता भी है तो भी बिना कोर्ट की इजाज़त के ग्रैप 4 नहीं हटेगा. कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र से तीन दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है. अदालत ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारों का कर्तव्य है कि प्रदूषण मुक्त वातावरण अपनी जनता को उपलब्ध कराएं. SC ने नाराजगी जताते हुए सभी राज्यों से कहा कि 12वीं तक के सभी स्कूलों को तत्काल बंद किया जाए और ऑनलाइन मोड में क्लास चलाई जाएं.
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण का पैमाना 400 के पार चल रहा है. यह वायु प्रदूषण की बेहद गंभीर श्रेणी को दर्शाता है. लखनऊ में भी एक्यूआई 300 के पार है. मेरठ, हापुड़ से लेकर मुजफ्फरनगर तक जहरीली हवा दम घोंट रही है. ठंड औऱ कोहरे के साथ यह जनता पर ट्रिपल अटैक की तरह है. ऐसे जानलेवा मौसम में बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो भारी परेशानी है.
प्रदूषण को लेकर सख्त फैसले लेने वाली CAQM ने रविवार को ग्रैप 4 रूल्स पूरे दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में लागू करने की सिफरिश की थी. इसमें एनसीआर के तहत आने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से भी तत्काल कदम उठाने को कहा गया था. हालांकि नोएडा, गाजियाबाद या उत्तर प्रदेश के किसी अन्य जिले ने तत्काल कोई कदम नहीं उठाया था. आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान इस पर सख्त फैसला लिया गया.
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