केकड़ी.
राजस्थान सरकार की वित्तीय वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा के तहत दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर और आसान बनाने के उद्देश्य से उन्हें 20 हजार रुपये तक के कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, वॉकिंग स्टिक, बैसाखी, सीपी चेयर, ब्लाइंड स्टिक जैसे अन्य उपकरण उपलब्ध करवाने की योजना है। इसके तहत दिव्यांगजनों के चिह्नांकन के लिए केकड़ी जिले में शिविर आयोजित किए गए।
इस संबंध में केकड़ी जिला कलेक्टर श्वेता चौहान ने बताया कि जिले में दिव्यांगजनों की पहचान के लिए केकड़ी, सरवाड़, सावर, भिनाय और टोडारायसिंह पंचायत समिति मुख्यालयों पर शिविर लगाए गए। इन शिविरों में चिकित्सा विशेषज्ञों ने दिव्यांगजनों की जांच की और 112 व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार कृत्रिम अंग व उपकरण प्रदान करने की अनुशंसा की। इसके अलावा, 303 दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए यूडीआईडी (UDID) असेसमेंट किया गया। कलेक्टर ने बताया कि शिविरों में दिव्यांगजनों के रेलवे व रोडवेज यात्रा पास बनवाने और उन्हें राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे पेंशन और पालनहार योजना से जोड़ने का कार्य भी किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि केकड़ी पंचायत समिति में आयोजित शिविर में 106 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी हेतु असेसमेंट किया गया और 18 व्यक्तियों को कृत्रिम अंग व उपकरण के लिए सूचीबद्ध किया गया। सरवाड़ पंचायत समिति में 27 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी असेसमेंट किया गया और 14 व्यक्तियों को कृत्रिम अंग और उपकरण के लिए चिन्हित किया गया। इन शिविरों में प्रधान होनहार सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी गुरुप्रसाद तंवर, विकास अधिकारी त्रिलोकराम दईया और दिशी शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसी प्रकार भिनाय और सावर पंचायत समितियों में आयोजित शिविरों में भिनाय में 41 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी के लिए असेसमेंट किया गया और 13 व्यक्तियों को कृत्रिम अंग व उपकरण के लिए चिन्हित किया गया। सावर में 42 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी असेसमेंट किया गया और 18 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। इन शिविरों में उपखंड अधिकारी सुनील झिंगोनिया, विकास अधिकारी अर्जुन सिंह, समाज कल्याण अधिकारी इंद्रजीत सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र टेलर मौजूद रहे। तीन दिवसीय शिविर का समापन बुधवार को टोडारायसिंह पंचायत समिति में हुआ। शिविर में 87 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी के लिए असेसमेंट किया गया और 49 व्यक्तियों को कृत्रिम अंग व उपकरण के लिए सूचीबद्ध किया गया। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा, विकास अधिकारी सतपाल कुमावत, बीसीएमओ रोहित ढांढोरिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी इंद्रजीत सिंह और छात्रावास अधीक्षक गजेंद्र कुमावत मौजूद थे। इन सभी शिविरों में चिकित्सा विशेषज्ञों और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई और शिविरों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
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