पुलिस साक्ष्य न मिलने पर पहुंची कोर्ट, छत्तीसगढ़-कवर्धा के लोहारीडीह कांड के 24 निर्दोषों की होगी रिहाई

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित लोहारीडीह कांड को लेकर पुलिस ने अब यू-टर्न ले लिया है। दरअसल, जिले के रेंगाखार जंगल क्षेत्र के ग्राम लोहारीडीह में सितंबर माह में आगजनी व एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने गांव में ही 167 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिसमें से 68 आरोपी जेल में बंद हैं।

अब पुलिस ने मामले को लेकर कोर्ट में चालान पेश किया है, जिसमें 24 लोगों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस ने 24 लोगों की रिहाई के लिए न्यायालय से निवेदन किया है। मामले में पुलिस ने पांच एफआईआर दर्ज की थी, सभी में चालान पेश किए जा चुके हैं। वर्तमान में पुरुष आरोपियों को कवर्धा की जेल व महिलाओं को दुर्ग जेल में रखा गया है।

ये था मामला —
लोहारीडीह गांव में सितंबर माह में एक सप्ताह के अंदर तीन लोगों की अलग-अलग वजह से मौत हो गई थी। 14 सितंबर की रात शिवप्रसाद साहू उर्फ कचरू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र जंगल में पेड़ से लटकी मिली थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर पूर्व सरपंच रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की मौत हो गई। पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसी बीच 19 सितंबर को हत्या के आरोप में जेल में बंद प्रशांत साहू की जेल में मौत हो गई। मृतक के बॉडी में गहरे चोट के निशान पाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशांत साहू की मौत पुलिस पिटाई के चलते जेल में मौत हुई है। इसके बाद सरकार ने जिले के एएसपी आईपीएस विकास कुमार को सस्पेंड किया। रेंगाखार थाना के टीआई समेत सभी पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया। इसके अलावा कबीरधाम एसपी व कलेक्टर पर भी गाज गिरी। दोनों का ट्रांसफर किया गया।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry