पटना
बिहार विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज चौथा दिन है। वहीं, विपक्षी दलों के विधायकों ने ‘प्री-पेड मीटर' योजना को वापस लेने की मांग करते हुए विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया और कहा कि इस व्यवस्था से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और तीन वामपंथी दलों के नेता पोर्टिको के सामने खड़े होकर नारे लगाते रहे।
'स्मार्ट मीटर योजना ने राज्य में सरकार को ‘‘बेहद अलोकप्रिय'' बना दिया'
सदन की कार्यवाही शुरू होने तक वे लगातार नारेबाजी करते रहे। विपक्षी दलों के विधायक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर वाली तख्तियां हाथों में लिये हुए थे, जिनमें से कुछ पर ‘‘यह स्मार्ट मीटर नहीं, स्मार्ट चीटर है'' जैसे नारे लिखे हुए थे। कुछ अन्य तख्तियों चित्र के जरिए बढ़े हुए बिल और बिना चेतावनी के कनेक्शन काटे जाने को दर्शाया गया था। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर योजना ने राज्य में सरकार को ‘‘बेहद अलोकप्रिय'' बना दिया है और अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में इसकी हार का कारण बनेगी।
हालांकि, सरकार का कहना है कि ‘प्रीपेड मीटर योजना' अधिक कुशल है और बिजली चोरी की समस्या पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने में सक्षम है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का यह भी कहना है कि विपक्षी दलों को खामियां निकालने का कोई हक नहीं है, क्योंकि सत्ता में रहते हुए वे खुद बेहतर बिजली आपूर्ति करने और गांवों तक बिजली पहुंचाने में नामाक रहे हैं।
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