मुंबई
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का नतीजा आए करीब 10 होने वाले हैं, लेकिन अब तक नई सरकार का गठन नहीं हो सका है। एक तरफ सीएम फेस को लेकर खींचतान खत्म हुई है और भाजपा के नेता को मौका देने पर सहमति बनी है तो दूसरी तरफ मंत्रालयों के बंटवारे पर खींचतान है। राज्य के गृह मंत्री के पद को लेकर इतनी खींचतान है कि एकनाथ शिंदे अडिग बताए जाते हैं। कहा जा रहा है कि वह इसी नाराजगी के चलते अपने गांव सतारा चले गए हैं। उनके डॉक्टरों का कहना है कि वह तेज बुखार और गले में संक्रमण से जूझ रहे हैं और फिलहाल स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। हालांकि यह चर्चा भी है ही कि वह नाराज होकर सतारा गए हैं।
इस बीच कांग्रेस ने उन पर गहरा तंज कसा है और कहा कि एकनाथ शिंदे को तो अब धोखेबाजी की सजा मिल रही है। पार्टी नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, 'महायुति गठबंधन की कहानी राजनीतिक पतन और धोखेबाजी की है। एकनाथ शिंदे ने अपने राजनीतिक गुरु के परिवार के साथ धोखा किया था। इसके बाद भाजपा ने उन्हें सीएम बना दिया और खूब इस्तेमाल किया। अब यूज करके उन्हें फेंका जा रहा है। यही भाजपा की रणनीति है और वह उसके तहत ही काम कर रही है। एकनाथ शिंदे को तो धोखेबाजी की सजा मिल रही है। भाजपा की राजनीति पर कोई विश्वास नहीं किया जा सकता और न ही वे विश्वसनीय हैं।'
संजय राउत फिर बिफरे, पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ पर निशाना
वहीं संजय राउत ने एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट और पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में एक ऐसी सरकार अब तक सत्ता में थी, जो संविधान के अनुसार नहीं थी। गलत तरीके से वह सरकार बनी थी। ऐसा सुप्रीम कोर्ट की मदद से हुआ। इसके लिए डीवाई चंद्रचूड़ जिम्मेदार हैं। अब आप देखिए कि 10 दिन बीत गए हैं और उनके पास बड़ा बहुमत है। इसके बाद भी उन्होंने सरकार का गठन नहीं किया है। भाजपा तो अकेले भी सरकार बना सकती है, लेकिन वह सरकार नहीं बना रहे। आखिर क्या हो रहा है? बावनकुले का कहना है कि 5 दिसंबर को शपथ होगी। क्या वह गवर्नर हैं, जो बता रहे हैं कि किस शपथ समारोह होगा।'
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