दिसपुर।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि कांग्रेस के नेता बीफ के विरोध में हैं। अगर वो मुझे इस संबंध में पत्र लिखते हैं, तो हम सर्वसम्मति से बीफ पर प्रतिबंध लगाएंगे। दरअसल, कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने आरोप लगाया था कि नगांव जिले के सामगुरी विधानसभा क्षेत्र में बीफ पार्टी का आयोजन किया गया था।
उन्होंने कहा था कि इस तरह की पार्टी का आयोजन करने का मकसद मुस्लिम मतदाताओं को अपनी तरफ रिझाना था। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास इसे लेकर बाकायदा सबूत भी हैं और वो इस संबंध में चुनाव आयोग द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब दे सकते हैं। उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जिस समागुरी में कांग्रेस ने 25 सालों तक राज किया है, वहां से उसका महज 27 हजार वोटों से हार जाना बड़े ही शर्म की बात है।" बता दें कि भाजपा के डिप्लू रंजन सरमा ने पिछले महीने हुए उपचुनाव में कांग्रेस के सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजील को 24,501 मतों से पराजित किया था। इस बीच, हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि हार से दुखी रकीबुल हुसैन ने एक अच्छी बात कही है कि बीफ खाना गलत बात है। रकीबुल हुसैन के आरोपों को लेकर पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस इतने सालों तक बीफ पार्टी का आयोजन करके ही वहां चुनाव जीतती हुई आई थी? अगर इस बात में सच्चाई है, तो इसका मतलब साफ है कि सामगुरी में बीफ परोसकर चुनाव जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मैं रकीबुल हुसैन से जानना चाहता हूं कि बीफ पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने खुद इस बात को स्वीकार किया कि बीफ खाना गलत है, तो ऐसी स्थिति में इस पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस पर कांग्रेस या भाजपा के नेताओं को कुछ भी ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है। इसे राज्य में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “मैं अब रकीबुल हुसैन के बयान को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन बोरा को पत्र लिखूंगा और उनसे पुछूंगा कि क्या वो भी रकीबुल हुसैन की तरह बीफ पर प्रतिबंध लगाने की वकालत करते हैं।”
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