नई दिल्ली
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) इस बार कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटने जा रही है। अब इस लिस्ट में कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हो गए हैं। विधानसभा स्पीकर राम निवास गोयल के बाद अब दिलीप पांडेय ने चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर दी है। तिमारपुर से विधायक दिलीप पांडेय दिल्ली डायलॉग कमीशन के अध्यक्ष रहे हैं और अभी विधानसभा में पार्टी के चीफ व्हिप हैं।
'आप' के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल के संग अपनी एक तस्वीर के साथ पांडेय ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने की सूचना दी और पार्टी में रहकर कुछ और करने की बात कही। उन्होंने लिखा, ‘राजनीति में पहले संगठन निर्माण और फिर चुनाव लड़ने के दायित्व का निर्वहन करने बाद, अब समय है आम आदमी पार्टी में ही रह कर कुछ और करने का। तिमारपुर विधानसभा में चुनाव जो भी लड़े, दिल्ली के मुख्यमंत्री तो अरविंद केजरीवाल जी ही बनेंगे, और हम सभी दिल्लीवाले मिल कर यह सुनिश्चित भी करेंगे। मेरे संबंधों की पूंजी मेरे साथ रहेगी, ऐसा विश्वास है मुझे, आप में से कोई मुझे संपर्क करे, तो इसी विश्वास को और मजबूत करे, ऐसी कामना है।’
पांडेय ने इससे पहले कहा, ‘मेरे लिए राजनीति में बने रहने का कुल संतोष यही रहा है कि हमारी सरकार की वजह से बहुत सारे आम लोगों का, गरीब लोगों का जीवन आसान हुआ, बहुत सारे बच्चों की जिंदगी के बेहतर होने की संभावनाएं प्रबल हुई।’ 2020 विधानसभा चुनाव में दिलीप पांडेय ने तिमारपुर सीट से 24151 वोटों से जीत हासिल की थी। उन्होंने भाजपा के सुरिंदर पाल सिंह को हराया था।
दिलीप पांडेय जैसे बडे़ नेताओं का भी टिकट कटते देख पार्टी के विधायकों में बेचैनी है। पार्टी 11 उम्मीदवारों की पहली ही लिस्ट तीन मौजूदा विधायकों के टिकट काट चुकी है। 10 साल की एंटी इंकंबेंसी से निपटने के लिए 'आप' कई सीटों पर नए चेहरों को मौका दे रही है। भाजपा और कांग्रेस से लाकर कई नेताओं को टिकट दिया गया है। खुद अरविंद केजरीवाल कह चुके हैं कि वह जनता से मिले फीडबैक के आधार पर टिकट देने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में और भी कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। कुछ बड़े नेताओं की सीट भी बदल सकती है।चर्चा यह भी है कि पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को भी इस बार पटपड़गंज की बजाय किसी अन्य सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
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