सुप्रीम कोर्ट ने डीएनडी के लिए टोल टैक्स खत्म करने के आदेश के खिलाफ एनबीटीसीएल की याचिका खारिज की

देश

नई दिल्ली
दिल्ली नोएडा डायरेक्ट (डीएनडी) फ्लाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने डीएनडी के लिए टोल टैक्स खत्म करने के आदेश के खिलाफ नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (एनबीटीसीएल) की याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने यात्रियों से लगातार पैसे ऐंठने के लिए नोएडा अथॉरिटी को भी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-नोएडा डीएनडी फ्लाईवे पर चलने वाले वाहनों से टोल वसूलने के लिए निजी फर्म एनटीबीसीएल को ठेका देना अन्यायपूर्ण और अनुचित है।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2016 के फैसले बरकरार रखा, जिसमें एनटीबीसीएल को दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले डीएनडी फ्लाईवे से गुजरने वाले वाहनों से टोल कलेक्शन बंद करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि एनटीबीसीएल ने डीएनडी फ्लाईवे के निर्माण की लागत और एक्सप्रेसवे के 2001 में खुलने के बाद से उचित लाभ दोनों ही वसूल कर लिए हैं।

बेंच ने नोएडा प्राधिकरण की आलोचना करते हुए कहा कि एनटीबीसीएल के साथ समझौते में टोल कलेक्शन के लिए एक निर्धारित समय सीमा का अभाव था, जिससे कंपनी को यात्रियों से लगातार टोल टैक्स लेने की अनुमति मिल गई। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, "नोएडा प्राधिकरण ने एनटीबीसीएल को टैक्स लगाने या वसूलने के लिए शक्तियां सौंपकर अपने अधिकार का अतिक्रमण किया है, और यह व्यवस्था रियायतकर्ता समझौते की शर्तों से अलग है…इससे यूजर्स पर अनुचित बोझ पड़ा है।" बेंच ने कहा कि आम जनता पहले ही कई सौ करोड़ रुपये गंवा चुकी है और यात्रियों से टोल टैक्स वसूली जारी रखने का कोई कारण नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही
शीर्ष अदालत ने 2012 में फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका को भी जायज ठहराया, जिसमें एनटीबीसीएल द्वारा “यूजर्स टैक्स के नाम पर टोल लगाने और कलेक्शन” को चुनौती दी गई थी। बेंच ने निष्कर्ष निकाला कि जनहित याचिका कानूनी रूप से सही थी और हाईकोर्ट द्वारा सही तरीके से इस पर फैसला लिया गया था। शीर्ष अदालत ने कैग की रिपोर्ट पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा कि एनटीबीसीएल ने टोल कलेक्शन के माध्यम से पर्याप्त लाभ प्राप्त किया है, जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि आगे टोल वसूली अनुचित थी। इसके मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर एनटीबीसीएल की अपील खारिज कर दी।

हर ट्रिप के लगते थे 28 रुपये
2001 में शुरू हुए डीएनडी फ्लाईवे ने दिल्ली और नोएडा के बीच यात्रा के समय को काफी कम कर दिया है। हाईकोर्ट के निर्णय से पहले, डीएनडी एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने के लिए यात्रियों से हर ट्रिप 28 रुपये या राउंड ट्रिप के लिए 56 रुपये का टैक्स लिया जाता था। सुप्रीम कोर्ट इस फैसले से हजारों दैनिक यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry