बीजापुर.
जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से सुरक्षाबलों के जवानों ने आठ नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए नक्सलियों के कब्जे से विस्फोटक व नक्सली साहित्य बरामद किए गए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बासागुड़ा थाना के सारकेगुड़ा व राजपेंटा जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे कुछ व्यक्ति पुलिस पार्टी को देखकर भागने का प्रयास कर रहे थे।
रोड ओपनिंग व सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिस के जवानों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा। पूछताछ करने पर अपना नाम नागेश बोड़डूगुल्ला पुत्र लक्षमैया निवासी पीसेपारा कोत्तागुडा, मासा हेमला (35) पुत्र भीमा हेमला निवासी बेलम नेंड्रा, सन्नू ओयाम (35) पुत्र मुइद्र ओयाम निवासी बेलम नेंड्रा और लेमाम छोटू (21) पुत्र सूदरु निवासी पुसबाका बंडागड़ापारा थाना बासागुड़ा होना बताया। पकड़े गए नक्सलियों के पास रखे थैले में एक कुकर बम, एक टिफिन बम, कॉर्डेक्स वायर, बिजली का तार, बैटरी, दवाइयां व नक्सली साहित्य बरामद किया गया। नक्सलियों से उक्त प्रतिबंधित विस्फोटक सामग्री के परिवहन के संबंध में नोटिस जारी कर वैध दस्तावेज मांगा, किसी प्रकार का दस्तावेज नहीं होना बताया। इधर, डीआरजी व नैमेड थाना की संयुक्त कार्रवाई में मुसालूर के जंगल से चार नक्सलियों को विस्फोटक व नक्सली साहित्य के साथ पकड़ा गया। इनमें मोसला आरपीसी जनताना सरकार सदस्य शंकर पुनेम पिता सुकलु पुनेम (25) निवासी स्कूल पारा मोसला, मोसला आरपीसी जनताना सरकार सदस्य आर्थिक शाखा अध्यक्ष बदरू अवलम उर्फ बोडडा पिता सुकलु अवलम उम्र 38 निवासी स्कूल पारा मोसला, दुरधा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून ए सेक्शन कमाण्डर सन्नू पोयाम उर्फ संदीप पिता हडमो पोयाम उम्र 35 निवासी पटेलपारा दुरधा व दुरधा आरपीसी जन मिलिशिया सदस्य कमलू हेमला पिता पाण्डु हेमला उम्र 34 निवासी स्कूलपारा दुरधा थाना नैमेड शामिल है। पकड़े गए नक्सलियों के विरुद्ध थाना नैमेड व बासागुड़ा में वैधानिक कार्यवाही कर न्यायिक रिमांड पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्ययालय बीजापुर के समक्ष पेश किया गया है।
माड़ मुठभेड़ को लेकर नक्सलियों ने जारी किया प्रेस नोट
माड़ मुठभेड़ को लेकर नक्सलियों ने नया प्रेस नोट जारी किया है। नक्सलियों के माड़ डिवीजन कमेटी की सचिव अनिता मंडावी ने उक्त प्रेस नोट जारी किया है। प्रेस नोट में महिला नक्सली नेता ने आईजी बस्तर से सवाल करते हुए कहा कि इतने कमजोर पीएलजीए को खत्म करने में इतना समय क्यों लग रहा है? डीआरजी, एसटीएफ, बस्तर फाइटर, कोबरा कमांडो, एनएसजी, कमांडो, एसओजी व ग्रेहाउंड्स जैसे लाखों फोर्स,हजारों पुलिस कैम्प,युद्ध टैंक, एमपीवी ,रॉकेट लॉन्चर,और अत्याधुनिक ड्रोन्स की क्या जरूरत है? नक्सली नेता ने कहा कि, 'हमारा ऐसा कहने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि हम मजबूत स्थिति में है। हमारी ताकत क्या है, हम जानते हैं हमारी ताकत बंदूक के बल पर या मार गिराने वाले आंकड़ों पर आधारित नहीं है, इसलिए हम मजबूती के साथ यह कह सकते हैं कि बंदूक के बल पर माओवाद को खत्म करना संभव नहीं है।' वहीं, नक्सली नेता ने मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों की गोली से बच्चों के घायल होने के पुलिसिया दावों का भी खंडन किया है।
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