कटरा रोपवे परियोजना के विरोध में हड़ताल, भक्तों को इस दौरान घोड़ा और पालकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकेंगी

देश

नई दिल्ली
माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने कटरा रोपवे परियोजना के विरोध में तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। यह हड़ताल बुधवार सुबह से शुरू हो गई है और इसका असर यात्रा पर पड़ सकता है। भक्तों को इस दौरान घोड़ा और पालकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकेंगी।

पहले भी 18 दिसंबर को रोपवे के विरोध में प्रदर्शन हुआ था, और एक दिन के लिए बाजार बंद कर दिया गया था, जिसके कारण श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। प्रशासन के साथ बैठक के बाद जब कोई सहमति नहीं बनी, तो संघर्ष समिति ने 72 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया।

हड़ताल के कारण स्थानीय दुकानें और ढाबे बंद रहे। पहले, जब दुकानदारों और ढाबों को बंद किया गया था, तो जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया था कि 23 दिसंबर तक कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। लेकिन 25 दिसंबर को संघर्ष समिति के पक्ष में कोई निर्णय नहीं हुआ, जिसके बाद हड़ताल की शुरुआत हुई।

श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कटरा से ताराकोट मार्ग और सांझी छत के बीच 12 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाने का निर्णय लिया है। इस परियोजना की लागत 250 करोड़ रुपये है। लेकिन स्थानीय लोग, दुकानदार और पालकी वाले इसे अपने रोजगार पर असर डालने वाला मानते हैं। उनका कहना है कि यह रोपवे बाजार को बाईपास करेगा, जिससे तीर्थयात्री बाजार से नहीं गुजर पाएंगे और उनकी रोजी-रोटी पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

15 दिसंबर को भी स्थानीय लोगों ने मुख्य बाजार में जोरदार प्रदर्शन किया था, और मंदिर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की थी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से उन लोगों की रिहाई की मांग की थी, जो पिछले महीने के प्रदर्शन में पुलिस से भिड़ गए थे। लोग अब इस परियोजना को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

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