RBI का सख्त फैसला, निष्क्रिय और जीरो बैलेंस वाले खाते कल से होंगे बंद

बिज़नेस

नई दिल्ली

 1 जनवरी 2025 से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नए नियम लागू कर रहा है। इसका असर देश के करोड़ों बैंक खातों को प्रभावित कर सकता है। अगर आप भी अपने बैंक खाते से जुड़ी सुविधाएं गंवाने से बचना चाहते हैं, तो इन बदलावों को समझना और समय रहते काम कर लें। वरना, नया साल नई परेशानियां लेकर आ सकता है।

आरबीआई का मकसद

आरबीआई ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन को अधिक सेफ, ट्रांसपेरेंट और प्रभावी बनाने के लिए यह फैसला लिया है। इन नए नियमों का मकसद धोखाधड़ी रोकना, डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और बैंकिंग सिस्टम को बेहतर बनाना है। खासतौर पर इनएक्टिव अकाउंट में संभावित जोखिम और साइबर अपराधों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

कौन से खाते होंगे बंद?

आरबीआई के नए दिशा-निर्देशों के तहत तीन प्रकार के बैंक खातों को बंद किया जाएगा।

डॉर्मेंट अकाउंट (निष्क्रिय खाता)

डॉर्मेंट खाते वे होते हैं जिनमें दो साल या उससे अधिक समय तक कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ हो। ये खाते साइबर अपराधियों के निशाने पर रहते हैं। ऐसे खातों को बंद करके आरबीआई ग्राहकों और बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा तय करना चाहता है।

इनएक्टिव अकाउंट

जो खाते पिछले 12 महीनों या उससे अधिक समय तक निष्क्रिय रहे हैं, वे भी बंद किए जाएंगे। इन खातों को सुरक्षित और धोखाधड़ी से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। यदि आपका खाता इनएक्टिव की केटेगरी में आता है, तो इसे एक्टिव करने की कार्रवाई करना अनिवार्य है।

जीरो बैलेंस अकाउंट (जीरो बैलेंस अकाउंट)

लंबे समय तक शून्य बैलेंस बनाए रखने वाले खाते भी बंद किए जाएंगे। यह कदम खाता दुरुपयोग रोकने, वित्तीय जोखिम कम करने और ग्राहकों को बैंक के साथ एक्टिव संबंध बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

अपने खाते को बंद होने से बचाने के तरीके

KYC अपडेट करें: अगर आपका खाता निष्क्रिय है, तो तुरंत KYC प्रक्रिया पूरी करें। इसके लिए बैंक शाखा में जाएं या ऑनलाइन जानकारी अपडेट करें।

न्यूनतम बैलेंस अमाउंट बनाए रखें: ये तय करें कि आपके बैंक अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस हो।

ट्रांजेक्शन एक्टिव रखें: खाते को एक्टिव रखने के लिए नियमित रूप से ट्रांजेक्शन करें।

डिजिटल बैंकिंग अपनाएं: डिजिटल बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल करना न केवल सुविधाजनक है, बल्कि आरबीआई के डिजिटलाइजेशन प्रयासों का हिस्सा भी है। अपने बैंक खाते की स्थिति जांचें और आवश्यक कार्रवाई करें। आरबीआई के नए दिशा-निर्देश बैंकिंग प्रणाली को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए हैं और ग्राहकों की सतर्कता इसमें अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही नए साल में परेशानियों से बचाने में अहम रोल निभाएगी।

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