बुरहानपुर
परंपरा के नाम पाड़ों की टक्कर करा पशुओं के साथ क्रूरता करने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नेपानगर के ताप्ती तट में फिर पाड़ों की टक्कर का आयोजन किया गया। जिसमें दर्जनों की संख्या में पाड़े लड़ाए गए। इस लड़ाई को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग ताप्ती तट पर जुटे थे। घटना सामने आने के बाद नेपानगर थाना पुलिस ने छह आयोजकों सहित 16 लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है। थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल के अनुसार आयोजकों ने मेले के लिए अनुमति ली थी, लेकिन वहां पाड़ों की टक्कर करा दी। इसलिए पाड़ा मालिकों के साथ आयोजकों पर भी केस दर्ज किया गया है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने दी थी समझाइस
बता दें कि इस आयोजन से एक दिन पहले एसडीएम नेपानगर को पत्र देकर पाड़ों की टक्कर पर रोक लगाने का आग्रह किया था। इसके बावजूद बेजुबान पशुओं के साथ एक बार फिर क्रूरता की गई। थाना प्रभारी का कहना है कि सूचना मिलने पर पुलिस का एक दल मौके पर पहुंचा था और पाड़ों की टक्कर नहीं कराने के लिए लोगों को समझाया था। बावजूद इसके लोग नहीं माने।
शाहपुर व खकनार में भी हुए आयोजन
पाड़ों की टक्कर के आयोजन इससे पहले शाहपुर व खकनार थाना क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर हो चुके हैं। शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने सबसे पहले एफआइआर दर्ज करने की शुरूआत की थी। इसके साथ ही उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को समझाइश देने का अभियान भी चलाया था। जिसके चलते कुछ गांवों में प्रस्तावित ऐसे आयोजन स्थगित कर दिए गए थे। पाड़ों को लड़ाने की यह परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है। इसमें पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी पाड़े लाए जाते हैं।
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