शिवपुरी
कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सिंहनिवास में शनिवार को जाटव समाज का कबीरदास जी और माता मंदिर तोड़ने से रोकने पर दो पक्षों में मारपीट हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि समाज की पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में मंदिर तोड़ने वाले परिवार का समाज से बहिष्कार करने के साथ ही रोटी-बेटी के सभी संबंध खत्म करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, ग्रामीणों की फरियाद पर चार लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
दादा ने मंदिर के लिए दान में दी जमीन
शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सिंह निवास के जाटव मोहल्ले में करीब 80 परिवार वहां कई दशकों से निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, मोहल्ले में रहने वाले प्रहलाद, रामस्वरूप, भरत, लखन, राजू पुत्रगण लैंडू जाटव के दादा ने उसकी जमीन समाज के मंदिर के लिए दान दी थी। इसके बाद चंदा कर वहां पर संत कबीरदास व माता का मंदिर बनवाया। इसी क्रम में कुछ दिन पहले प्रहलाद, रामस्वरूप आदि को पता चला कि यह जमीन अभी भी उनके स्वजनों के नाम पर दर्ज है, तो उक्त लोगों ने मंदिर पर रह रहे संत कमलगिरी महाराज को मारपीट कर वहां से भगा दिया था।
पोतों ने तोड़ दी मंदिर
कुछ दिन पहले उनकी मृत्यु हो गई। अब प्रहलाद व रामस्वरूप के परिवार के लोगों ने मंदिर तोड़कर वहां अपने मकान बनाना शुरू कर दिया है। जब समाज के लोगों ने जब उक्त मंदिर तोड़ने तथा सरकारी कुएं का रास्ता बंद करने से रोका तो विवाद बढ़ गया। शनिवार को एक महिला के साथ मारपीट भी कर दी गई। अंतत: मामला थाने की चौखट तक जा पहुंचा। समाज का कहना है कि इसी के चलते आपस में पंचायत कर उक्त परिवार का बहिष्कार कर दिया है।
मारपीट के मामले में चार पर केस दर्ज
शनिवार की दोपहर गांव के महिला पुरुष ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर कोतवाली पहुंचे। यहां कमलेश पत्नी राजू जाटव की शिकायत पर मंदिर तोड़ने वाले वीरू जाटव, संजय जाटव, राजू जाटव, राजेन्द्र जाटव के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर कर्रवाई शुरू की है।
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