खो खो फेडरेशन ने विश्वकप मैचों के नियम किये अधिसूचित, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे

खेल

नई दिल्ली
अंतरराष्ट्रीय खो खो फेडरेशन ने 13 से 19 जनवरी तक नई दिल्ली में होने वाले वाले खो खो विश्वकप मैचों के लिए नए नियम अधिसूचित कर दिये गये है। यह नियम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खो खो मैचों में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। अंतरराष्ट्रीय खो खो फेडरेशन के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने बताया कि खो खो मैच की अवधि 50 मिनट की होगी और मैच से पहले टॉस के जरिए दोनों टीमों को अटैकिंग और डिफेंस का विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। प्रत्येक टीम में 15 खिलाड़ी होंगे जिनमें से 12 खिलाड़ी मैदान में खेलेंगे जबकि तीन बचे खिलाड़ी स्थानापन्न(सब्स्टिटूट) होंगे।

जारी नियमों के मुताबिक सेंट्रल लेन को पार करना, जल्दी उठ जाना, पीछे हटना और दिशा बदलना फाउल माना जायेगा। खो खो विश्वकप के लिए खेल का मैदान का आकार 26 बाई 20 मीटर आयताकार होगा। प्रत्येक मैच दो पारी का होगा। प्रत्येक पारी सात मिनट की अटैकिंग और डिफेंसिव टर्न में विभाजित होगी। प्रत्येक पारी के बाद चार मिनट का विश्राम होगा और टर्न के बीच तीन मिनट का ब्रेक होगा। टर्न के शुरुआत में तीन डिफेंडर्स बैच खेल के मैदान में होगा। जब तीनों डिफेंडर्स को आउट घोषित कर दिया जायेगा तो 30 सेकेंड का ब्रेक मिलेगा और डिफेंडर्स के अगले बैच को 30 सेकेंड के अन्दर मैदान में प्रवेश करना पड़ेगा और अगर वह निर्धारित समय अवधि के अन्दर खेल के मैदान में प्रवेश नहीं करते हैं तो उन्हें लेट एंट्री के लिए आउट करार दिया जायेगा।

अगर डिफेंडिंग टीम का कोई बैच तीन मिनट तक मैदान में डटा रहता है तो उसे एक अतिरिक्त अंक प्रदान किया जायेगा और इसके बाद प्रत्येक 30 सेकंड के लिए एक अतिरिक्त अंक मिलता रहेगा। ‘खो’ को कार्यान्वित करने के लिए उकडूर बैठे हुए अटैकर की पीठ को अपनी हथेली-हाथ से छूएगा और तत्काल जोर से ‘खो’ शब्द का उच्चारण करेगा जोकि अंपायर और रेफरी को सुनाई देना चाहिए। अटैकिंग टीम को प्रत्येक सफल आउट के लिए दो अंक मिलेंगे। प्रत्येक टीम को दो रिव्यू की अनुमति होगी। दो पारी के अंत में ज्यादा नम्बर पाने वाली टीम विजयी होगी।

 

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