बोर्ड एग्जाम में बेहतर अंक हासिल करने के लिए अच्छी तैयारी के साथ-साथ जरूरी है, उस तैयारी का बेहतर प्रजेंटेशन। इसका मतलब यह है कि,परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों का जवाब बेहतर तरीके से दिया जाए, जिससे परीक्षक कहीं से भी आपके नंबर न काट सके। इसलिए बेहद जरूरी है कि स्टूडेंट्स अपने उत्तर लिखते वक्त कुछ बातों का विशेष बातों का ध्यान रखें, क्योंकि अगर आंसर बेहतर तरीके से नहीं लिखा हुआ होगा तो फिर आपने चाहें कितना ही क्यों न पढ़ा हो, सारी मेहनत बर्बाद हो जाएगी। इसलिए स्टूडेंट्स की हेल्प करने के लिए नीचे आंसर लिखने के कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं, जिनको फॉलो करके परीक्षा में बढ़िया अंक प्राप्त कर सकते हैं।
क्वैश्चन ठीक ढंग से पढ़ें
कई बार स्टूडेंट्स एक्साइटमेंट के चलते क्वैश्चन को ठीक ढंग से नहीं पढ़ते हैं और फिर उत्तर लिखने में गलती कर बैठते हैं। पूछा कुछ जाता है और वे जवाब किसी और प्रश्न का दे देते हैं, इसलिए ये बेहद जरूरी है कि क्वैश्चन पेपर मिलने के बाद उसे ठीक ढंग से पढ़ लें और फिर अपना उत्तर लिखना शुरू करें।
आंसर लिखते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि, जितने वर्ड लिमिट में उत्तर मांगा गया है, उस सीमा के भीतर अपना उत्तर लिखने के लिए प्लान करें। यह देखें कि कैरेक्टर लिमिट में उत्तर के सभी सेक्शन जैसे- इंट्रो, बॉडी, और निष्कर्ष कवर हो जाए, क्योंकि आधा- अधूरा आंसर लिखने से भी परीक्षक की नजर में खराब इम्प्रैशन पड़ता है।
हैंडराइटिंग का रखें ध्यान
कई बार पहले स्टूडेंट्स ध्यान नहीं देते हैं और फिर परीक्षा के आखिरी समय में पेपर पूरी करने की जल्दबाजी में हैंडराइटिंग का ध्यान नहीं रखते हैं। ऐसा बिल्कुल न करें, बल्कि पहले ही समय डिवाइड कर लें कि, कितनी देर में आपको कितने क्वैश्चन के आंसर देने हैं। इसके साथ ही, उत्तर तभी बेहतर तरीके से लिखा जाएगा, जब आपकी वोकैबलरी अच्छी हो, इसलिए यह अहम है कि स्टूडेंट्स इस तरफ भी अपना ध्यान केंद्रित करें।
फैक्ट्स और डायग्राम का रखें ध्यान
अपने उत्तर लिखते वक्त परीक्षार्थियों के लिए ये बेहद जरूरी है कि, वे फैक्ट्स का ध्यान रखें। अपने उत्तरों में डेट वाइज कंटेट ऐड करें। वहीं, अगर किसी उत्तर के साथ डायग्राम जरूरी है तो उसे जरूर बनाएं। साथ ही बनाए गए चित्र पर नाम अवश्य लिखें, जिससे परीक्षक आपको पूरे नंबर दे सके।
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