जबलपुर
प्रयागराज में 140 साल बाद हो रहे हैं महाकुंभ को जबलपुर पश्चिमी मध्य रेलवे मंडल इसे अपने लिए चुनौती भी मानता है और यात्रियों की सेवा करने का अवसर भी। लिहाजा यात्रियों की सुविधा को देखते हुए जबलपुर रेलवे मंडल ने अपनी ओर से काफी सारी तैयारी कर रखी है।
सीनियर डीसीएम मधुर वर्मा ने बताया कि जबलपुर से प्रयागराज तक जाने वाले 12 रेलवे स्टेशनों पर अपनी तैयारी कर रखी है। खास कर सतना, मैहर और कटनी में उन्होंने 24 घंटे के लिए हेल्प डेस्क भी बना रखी है जो वहां से जाने वाले यात्रियों को मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे।ये हेल्प डेस्क जबलपुर में बने वार रूम जिसे सेंट्रल हेल्प डेस्क भी कहा कहा जा रहा है से कांटेक्ट में रहेगा। जबलपुर में बने सेंट्रल हेल्प डेस्क के सुपरवाइजर राउंड टू क्लास सारी स्थितियों का जायजा लेंगे जो किसी भी तरह की समस्या आने पर उसका निदान करेंगे। इसके अलावा रेलवे के सभी 12 विभागों के कर्मचारियों की इस दिशा में काउंसलिंग करते हुए उन्हें 24 घंटे रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध रहेंगे।
आपात स्थिति से निपटने की तैयारी, स्नान के लिए 65 ट्रेन चलेगी
सीनियर डीसीएम ने बताया कि रेल मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही स्पेशल ट्रेन अभी तक कि यात्रियों को मैनेज करने के लिए पर्याप्त है। कहा कि उसके बाद यदि प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की भीड़ बढ़ती है तो उसके लिए भी रेलवे की पूरी तैयारी है। पश्चिम मध्य रेलवे ने इस दिशा में आपात स्थिति से निपटने के लिए खाली कोच इंजन के साथ तैयार रखे हुए हैं ताकि अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ती है तो उनको सुविधाजनक तरीके से ले जाया और वापस जा सके। महाकुंभ में जो विशेष स्थान है उसमें और आने वाली भीड़ को लाने और ले जाने के लिए रेलवे ने 65 ट्रेनों का इंतजाम किया है जो यात्रियों को सुगमता से ले जाने और लाने का काम करेगी।
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