पीके ने मुस्लिम समुदाय को जागरूक करने के लिए जन सुराज बेदारी कारवां मुहिम की शुरुआत की, RJD की बढ़ी टेंशन

राज्य

पटना
विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस बैठक में कई रणनीति पर चर्चा हुई लेकिन इधर प्रशांत किशोर ने मुसलमानों पर सबसे बड़ा दांव खेलकर आरजेडी की टेंशन बढ़ा दी।

प्रशांत किशोर ने मुसलमानों के लिए शुरू की बेदारी कारवां मुहिम
जन सुराज पार्टी (जसुपा) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) ने मुस्लिम समुदाय को जागरूक करने के लिए शनिवार से जन सुराज बेदारी कारवां मुहिम की शुरुआत की। पटना में हज भवन से इसकी शुरुआत हुई। इसके माध्यम से जसुपा मुसलमानों के घर तक अपना संदेश पहुंचाएगी।

मुस्लिम समाज को विकास कैसे होगा, प्रशांत किशोर ने बताया
मौलाना मजहरुल हक आडिटोरियम में उपस्थित लोगों से पीके ने कहा कि उनका उद्देश्य गांधी की विचारधारा को पुनर्जीवित करना है। इसी विचारधारा से मुस्लिम समाज का विकास हो सकता है। बेदारी कारवां गांधी की विचारधारा पर आधारित कारवां है। इसी के साथ उन्होंंने कहा कि बीपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान उन्हें पता चला कि कई मुस्लिम युवकों को पुलिस ने गलत तरीके से हिरासत में ले रखा है।

जसुपा हर मुसलमान युवाओं को न्याय दिलाएगी
आश्चर्यजनक यह कि मुस्लिम समुदाय में इतना डर है कि कोई भी इसके विरुद्ध आवाज नहीं उठा रहा है। हमने तय किया है कि जसुपा हर उस युवा को न्याय दिलाएगी, जिसे प्रशासन ने गलत तरीके से हिरासत में लिया है।

जाति आधारित गणना के बारे में राहुल का बयान आधारहीन: जदयू
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जाति आधारित गणना के बारे में आधारहीन बयान देकर पुन: अपनी अल्पबुद्धि का परिचय दिया है। यही कारण है कि देश की जनता उन्हेंं गंभीरता से नहीं लेती है।

जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कांग्रेस शासित राज्यों में अब तक जाति आधारित गणना को लेकर कोई पहल क्यों नहीं की गयी? क्या वह देश और बिहार की जनता काे सिर्फ भ्रमित करने के लिए जाति जनगणना के झूठे हिमायती बन रहे हैं? अपनी कुर्सी बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने देश को इमरजेंसी की आग में झोंकने का महापाप किया था।

जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारत के संविधान पर दूर-दूर तक कोई खतरा नहीं है। असली खतरा कांग्रेस के राजनीतिक अस्तित्व पर मंडरा रहा है। संविधान के नाम पर राहुल गांधी के राजनीतिक प्रपंच को यहां कभी सफलता नहीं मिलेगी। बिहार में कांग्रेस पार्टी का कोई राजनैतिक भविष्य नहीं है। ज्ञान की भूमि पर राहुल गांधी का झूठ और दुष्प्रचार नहीं चलेगा।

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