गरियाबंद.
गृह जिला में पदस्थ जिला पंचायत सीईओ घासीराम मरकाम को रिटर्निंग ऑफिसर के पद से मुक्त कर दिया गया है. अपर कलेक्टर ऋचा ठाकुर को जिला पंचायत के चुनाव के लिए रिटर्निंग अफसर की जिम्मेदारी दी गई है. इसका आदेश देर रात गरियाबंद कलेक्टर ने जारी किया.
आचार संहिता से पहले नियम ताक में रखकर धमतरी अपर कलेक्टर को गृह जिला गरियाबंद में जिला पंचायत सीईओ की नियुक्ति पर कांग्रेस ने भी सवाल उठाया था. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि घासीराम मरकाम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत गरियाबंद को त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2024-25 के तहत जिला पंचायत के निर्वाचन के लिए संपूर्ण जिला गरियाबंद के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (पंचायत) नियुक्त किया गया था. उक्त आदेश में संशोधन करते हुए मरकाम के स्थान पर ऋषा ठाकुर, अपर कलेक्टर गरियाबंद को त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2024-25 हेतु जिला पंचायत के निर्वाचन के लिए संपूर्ण जिला गरियाबंद के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (पंचायत) नियुक्त किया गया है. बता दें कि गरियाबंद जिले में सरकार ने धमतरी जिले में पदस्थ 2014 बैच के जिस राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी घासी राम मरकाम को जिला पंचायत सीईओ के रूप में पदस्थ किया गया था. वे इसी जिले के रहने वाले हैं. चुनाव आयोग के प्रावधान के मुताबिक, चुनाव के समय गृह जिला में अफसरों की पोस्टिंग वर्जित माना गया है. जानकारी के मुताबिक मरकाम गरियाबंद तहसील के मोहदा ग्राम के रहने वाले हैं, जबकि इनका ससुराल मैनपुर तहसील के जिडार पंचायत का चिह्रापारा है. मरकाम व उनके परिवार का दोनों तहसील में पुश्तैनी जमीन जायदाद भी है. भरे पूरे परिवार में एक भाई पंचायत सचिव भी है. नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के लिए प्रदेश में आचार संहिता लग गया है. ऐसे में अब इनकी नियुक्ति पर कई सवाल खड़े हो रहे थे.
कांग्रेस ने नियुक्ति पर उठाया था सवाल
गरियाबंद जिला पंचायत सीईओ की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाया था. उन्होंने अपने एक्स पर नियुक्ति का आदेश कॉपी साझा कर गरियाबंद में पंचायती राज चुनाव की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़ा किया था. इस आदेश से प्रशासनिक साजिश की बू आने की बात भी कही थी.
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