राजस्थान-सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने राज्य दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड की बैठक में दिए जरूरी दिशा-निर्देश

राज्य

जयपुर।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार विशेष योग्यजनों के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है। राज्य सरकार विशेष योग्यजनों के पुनर्वास और उन्हें आधारभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।

गहलोत ने बुधवार को अंबेडकर भवन के सभागार में राज्य दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। उन्होंने विशेष योग्यजनों की सुविधा के लिए चिकित्सा विभाग को पंचायत समिति, जिला स्तर पर कैंप लगाकर कम से कम समय में यूडीआईडी कार्ड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सुगम्य भारत अभियान के तहत प्रदेश भर में निर्माणाधीन राजकीय भवनों, गैर सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक और धार्मिक स्थानों को विशेष योग्यजन के लिए सुगम्य और बाधा रहित बनाने के भी निर्देश दिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने सीएसआर फंड के माध्यम से विशेष योग्यजनों के कल्याण के लिए जिला स्तर की औद्योगिक इकाइयों को प्रपोजल भेजने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से बड़े उद्योगों के सीएसआर फंड को योग्यजनों के कल्याण के कार्यों में लगाया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्री कुलदीप रांका ने बैठक में आए संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष योग्यजनों के कल्याण के लिए जारी योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। आयुक्त एवं विशिष्ट शासन सचिव विशेष योग्यजन श्री एच गुईटे ने सिलिकोसिस बीमारी से संबंधित आंकड़ों का पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। साथ ही न्यूमोकोनियोसिस नीति के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभों को भी साझा किया। बैठक में सिलिकोसिस योजना की मॉनिटरिंग और पुनर्वास, स्वावलम्बन पोर्टल पर यूडीआईडी या दिव्यांगता प्रमाण पत्रों के दिव्यांगता प्रमाणीकरण के संबंध में चिकित्सा विभाग से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त सुगम्य भारत अभियान में जिलों से प्रस्ताव मंगवाने और विशेष योग्यजन विभाग के जिला कार्यालय बनाये जाने पर भी चर्चा की गई। बैठक में विशेष योग्यजनों के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विभिन्न हितधारक विभागों से समन्वय स्थापित किये जाने की भी चर्चा की गई।

इस दौरान चिकित्सा, शहरी विकास, स्कूल शिक्षा, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, साक्षरता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डीओपी, पंचायतीराज, श्रम सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं प्रदेश भर की प्रमुख गैर स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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